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चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:

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प्रश्न

चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

'सच्ची मित्रता की परीक्षा'

शिवगढ़ गाँव में सुनील और अनिल नामक दो व्यापारी मित्र रहते थे। दोनों की मित्रता पूरे गाँव में मशहूर थी। एक बार व्यापार के सिलसिले में दोनों बहुत दूर निकल गए। दोपहर हो गई थी और दोनों दोस्तों को भूख भी लग रही थी। आगे जाकर एक घना जंगल रास्ते में पड़ा तो सुनील ने अनिल को भोजन करके आगे चलने की सलाह दी। दोनों मित्रों ने एक पेड़ की छाया में भोजन करना प्रारंभ किया। इसी बीच उन्हें दूर झाड़ियों के पीछे से एक जंगली भालू आता हुआ दिखाई दिया। दोनों बहुत डर गए।

दोनों मित्रों को कुछ नहीं सूझ रहा था कि आखिर इस मुसीबत से कैसे छुटकारा पाए। उधर भालू उनकी तरफ दौड़ा चला आ रहा था। दोनों मित्र डरकर भागने लगे।

सुनील को पेड़ पर चढ़ना आता था। वह भागकर पेड़ पर चढ़ गया। इधर अनिल भागा जा रहा था और भालू उसके पीछे पड़ा था। इसी बीच अनिल अचानक जमीन पर लेट गया और उसने अपनी साँसें भी कुछ देर के लिए रोक लीं।

भालू अनिल के पास पहुँचा। उसने अनिल की एक-दो परिक्रमा की फिर उसके कान के पास मुँह लाकर अनिल का परीक्षण किया। अनिल डर तो रहा था लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। वह साँस थामकर लेटा रहा। यह सारी घटना सुनील पेड़ पर छुपकर बैठे देख रहा था।

 

थोड़ी देर में जब भालू को यह यकीन हो गया कि अनिल मर चुका है, वह चला गया। अब अनिल की जान में जान आई।

भालू के चले जाने पर अनिल उठकर बैठ गया। उधर सुनील भी पेड़ से उतरकर अनिल के पास पहुँचा। सुनील ने अनिल से पूछा,’अखिरकार भालू ने तुम्हें क्यों छोड़ दिया और उसने कान में क्या कहा? “अनिल को सुनील के व्यवहार पर बहुत क्रोध आ रहा था लेकिन उसने स्वयं को सँभाला और जवाब देते हुए कहा,’ भालू मेरे पास एक सीख देने आया था, और उसने कान में वही सीख दी और चला गया।“ अनिल ने फिर सुनील से पूछा, ’भालू ने क्या सीख दी? “इस पर अनिल ने बताया, ’भालू ने कहा कि जो बुरे वक्त में साथ नहीं देता वह सच्चा मित्र नहीं है इसलिए तुम अपने मित्र का साथ छोड़ दो। वह तुम्हें संकट में छोड़कर खुद की सुरक्षा करने पेड़ पर चढ़ गया। वह तुम्हारा सच्चा मित्र नहीं है। “अनिल की बात सुनकर सुनील का सिर शर्म से झुक गया। दोनों मित्र फिर अलग हो गए और अपनी-अपनी राह पर चल पड़े।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 16.3: अभ्यास - ३ चित्रकथा - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ६७]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 16.3 अभ्यास - ३ चित्रकथा
पाठ्य प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ६७

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