Advertisements
Advertisements
प्रश्न
l और m दो समांतर रेखाएँ हैं जिन्हें समांतर रेखाओं p और q का एक अन्य युग्म प्रतिच्छेदित करता है (देखिए आकृति) दर्शाइए कि: △ABC ≌ △CDA है।

Advertisements
उत्तर
l || m ...[दिया है।]
AC एक तिर्यक रेखा है।
इसलिए, ∠DAC = ∠ACB ...[एकांतर कोण]
p || q ...[दिया है।]
AC एक तिर्यक रेखा है।
इसलिए, ∠BAC = ∠ACD ...[एकांतर कोण]
अब, △ABC और △CDA,
∠ACB = ∠DAC ...[ऊपर सिद्ध किया गया है।]
∠BAC = ∠ACD ...[ऊपर सिद्ध किया गया है।]
AC = AC ...[उभयनिष्ठ]
△ABC ≌ △CDA ...[AAS सर्वांगसमता नियम द्वारा]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एक रेखाखंड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखंड हैं (देखिए आकृति)। दशाईए कि CD, रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है।

रेखा l कोण A को समद्विभाजित करती है और B रेखा l पर स्थित कोई बिंदु है। BP और BQ कोण A की भुजाओं पर B से डाले गए लंब हैं। (देखिए आकृति) दर्शाइए कि:
- △APB ≌ △AQB
- BP = BQ है, अर्थात् बिंदु B कोण की भुजाओं से समदूरस्थ है।

आकृति में, AC = AE, AB = AD और ∠BAD = ∠EAC है। दर्शाइए कि BC = DE है।

ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° और AB = AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
M किसी त्रिभुज ABC की भुजा BC पर स्थित एक बिंदु ऐसा है कि AM कोण BAC का समद्विभाजक है। क्या यह कहना सत्य है कि त्रिभुज का परिमाप 2 AM से अधिक है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 9 cm, 7 cm और 17 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।
[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]

ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = BC और AD = CD है। दर्शाइए कि BD दोनों कोणों ABC और ADC को समद्विभाजित करता है।
दर्शाइए कि एक चतुर्भुज ABCD में, AB + BC + CD + DA < 2(BD + AC) होता है।
ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = AD और CB = CD है। सिद्ध कीजिए कि AC, BD का लंब समद्विभाजक है।
