Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी AP का प्रथम पद −5 और अंतिम पद 45 है। यदि इस AP के पदों का योग 120 हो, तो पदों की संख्या और सार्व अंतर ज्ञात कीजिए।
Advertisements
उत्तर
माना प्रथम पद, सार्व अंतर और किसी AP के पदों की संख्या क्रमशः a, d और n हैं।
दिया गया है कि, पहला पद (a) = −5 और
अंतिम पद (l) = 45
AP के पदों का योग = 120
⇒ Sn = 120
हम जानते हैं कि, यदि किसी AP का अंतिम पद ज्ञात हो, तब एक AP के n पदों का योग है,
Sn = `n/2(a + 1)`
⇒ 120 = `n/2(-5 + 45)`
⇒ 120 × 2 = 40 × n
⇒ n = 3 × 2
⇒ n = 6
∴ AP के पदों की संख्या ज्ञात है, तब एक AP का n वाँ पद है,
l = a + (n – 1)d
⇒ 45 = –5 + (6 – 1)d
⇒ 50 = 5d
⇒ d = 10
तो, सार्व अंतर 10 है।
अतः, एक AP के पदों की संख्या और सार्व अंतर क्रमशः 6 और 10 हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित समांतर श्रेढ़ी का योग ज्ञात कीजिए:
`1/15,1/12,1/10`, ...., 11 पदों तक
एक A.P. में, a = 7 और a13 = 35 दिया है। d और S13 ज्ञात कीजिए।
एक A.P. में, a3 = 15 और S10 = 125 दिया है। d और a10 ज्ञात कीजिए।
एक A.P. में, a = 8, an = 62 और Sn = 210 दिया है। n और d ज्ञात कीजिए।
636 योग प्राप्त करने के लिए, AP.: 9, 17, 25, … के कितने पद लेने चाहिए?
प्रथम 100 प्राकृत संख्याओं के योग को ज्ञात करने से संबद्ध प्रसिद्ध गणितज्ञ ______ है।
AP: `- 4/3, -1, -2/3,..., 4 1/3` के दोनों मध्य पदों का योग ज्ञात कीजिए।
AP: −15, −13, −11,... का योग −55 बनाने के लिए इसके कितने पदों की आवश्यकता होगी? दो उत्तर प्राप्त होने का कारण स्पष्ट कीजिए।
किसी AP में 37 पद हैं। बीचो-बीच के तीन पदों का योग 225 है तथा अंतिम तीन पदों का योग 429 है। वह AP ज्ञात कीजिए।
जसपाल सिंह अपने कुल 118000 रु के ऋण को मासिक किस्तों में, 1000 रु की पहली किस्त से प्रारंभ करते हुए, चुकाता है। यदि वह प्रति मास की किश्त 100 रु बढ़ाता जाता है, तो उसके द्वारा 30 वीं किस्त में कितनी राशि चुकाई जाएगी? 30 वीं किस्त के बाद उसको कितना ऋण चुकाना और शेष रहेगा?
