Advertisements
Advertisements
प्रश्न
योग ज्ञात कीजिए :
1 + (–2) + (–5) + (–8) + ... + (–236)
Advertisements
उत्तर
यहाँ, पहला पद (a) = 1
तथा सार्व अंतर (d) = (–2) – 1 = –3
∵ AP के n पदों का योग,
Sn = `n/2[2a + (n - 1)d]`
⇒ Sn = `n/2[2 xx 1 + (n - 1) xx (-3)]`
⇒ Sn = `n/2 (2 - 3n + 3)`
⇒ Sn = `n/2 (5 - 3n)` ...(i)
हम जानते हैं कि, यदि किसी AP का अंतिम पद (l) ज्ञात है, तब
l = a + (n – 1)d
⇒ –236 = 1 + (n – 1)(–3) ...[∵ l = –236, दिया है]
⇒ –237 = – (n – 1) × 3
⇒ n – 1 = 79
⇒ n = 80
अब n का मान समीकरण (i) में रखने पर हम पाते हैं
Sn = `80/2[5 - 3 xx 80]`
= 40(5 – 240)
= 40 × (–235)
= –9400
अतः, आवश्यक योग –9400 है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित समांतर श्रेढ़ी का योग ज्ञात कीजिए:
2, 7, 12, ......,10 पदों तक
एक A.P. में, d = 5 और S9 = 75 दिया है। a और a9 ज्ञात कीजिए।
एक A.P. में, a = 2, d = 8 और Sn = 90 दिया है। n और an ज्ञात कीजिए।
एक A.P. में, a = 8, an = 62 और Sn = 210 दिया है। n और d ज्ञात कीजिए।
200 लट्ठों (logs) को ढेरी के रूप में इस प्रकार रखा जाता है : सबसे नीचे वाली पंक्ति में 20 लट्ठे, उससे अगली पंक्ति में 19 लट्ठे, उससे अगली पंक्ति में 18 लट्ठे, इत्यादि (देखिए आकृति)। ये 200 लठ्ठे कितनी पंक्तियों में रखे गए हैं तथा सबसे ऊपरी पंक्ति में कितने लट्ठे हैं?

AP: `- 4/3, -1, -2/3,..., 4 1/3` के दोनों मध्य पदों का योग ज्ञात कीजिए।
यदि an = 3 – 4n हो, तो दर्शाइए कि a1, a2, a3,... एक AP बनाते हैं। S20 भी ज्ञात कीजिए।
यदि किसी AP के प्रथम 6 पदों का योग 36 है तथा प्रथम 16 पदों का योग 256 है, तो उसके प्रथम 10 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
कनिका को उसका जेब खर्च 1 जनवरी 2008 को दिया गया। वह इसमें से अपने पिग्गी बैंक में पहले दिन 1 रु डालती है, दूसरे दिन 2 रु डालती है, तीसरे दिन 3 रु डालती है तथा ऐसा ही महीने के अंत तक करती रहती है। उसने अपने जेब खर्च में से 204 रु खर्च भी किए और पाया कि महीने के अंत में उसके पास अभी भी 100 रु शेष हैं। उस महीने उसको कितना जेब खर्च मिला था ?
ज्ञात कीजिए :
1 और 500 के बीच के उन पूर्णांकों का योग जो 2 के भी गुणज हैं और 5 के भी गुणज हैं।
