हिंदी

'ज्ञानी' से कवयित्री का क्या अभिप्राय है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'ज्ञानी' से कवयित्री का क्या अभिप्राय है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

यहाँ कवयित्री ने ज्ञानी से अभिप्राय उस ज्ञान को लिया है जो आत्मा व परमात्मा के सम्बन्ध को जान सके ना कि उस ज्ञान से जो हम शिक्षा द्वारा अर्जित करते हैं। कवयित्री के अनुसार भगवान कण-कण में व्याप्त हैं पर हम उसको धर्मों में विभाजित कर मंदिरों व मस्जिदों में ढूँढते हैं। जो अपने अन्त:करण में बसे ईश्वर के स्वरुप को जान सके वही ज्ञानी कहलाता है और वहीं उस परमात्मा को प्राप्त करता है। तात्पर्य यह है कि ईश्वर को अपने ही हृदय में ढूँढना चाहिए और जो उसे ढूँढ लेते हैं वही सच्चे ज्ञानी हैं।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: वाख - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 10 वाख
प्रश्न अभ्यास | Q 7 | पृष्ठ ९८

संबंधित प्रश्न

अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

(क) जेब टटोली कौड़ी न पाई।
(ख) खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।


बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?


‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?


रसखान ने ऐसा क्यों कहा है, ‘जो पसु हौं तो कहा बस मेरो’?


कवि किस गिरि का पत्थर बनना चाहते हैं और क्यों?


चौथे सवैये के अनुसार गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?


कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए।


‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों?


कवि की अँगुलियाँ किस पर गाने लिख रही थीं और कैसे?


‘कैदी और कोकिला’ कविता के आधार पर कोयल और कवि की स्थिति में अंतर स्पष्ट कीजिए।


कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?


मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?


बालश्रम अपराध है फिर भी बच्चों को काम करते हुए देखा जा सकता है। इसके क्या कारण हो सकते हैं, लिखिए।


तिनकों पर ओस की बूंदें देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है? और क्यों?


गंगा के किनारों का सौंदर्य देखकर कवि अभिभूत क्यों है? ‘भ श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।


पत्थर कहाँ पड़े हुए हैं? वे क्या कर रहे हैं? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर लिखिए?


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर बताइए कि भूरी घास कहाँ उगी है? वह क्या कर रही है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके।


कविता में मेघ को 'पाहुन' के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नज़र आते हैं, लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×