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प्रश्न
कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?
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उत्तर
- कबीर ने ईश्वर को “सब स्वाँसों की स्वाँस में” इसलिए कहा है क्योंकि वे यह बताना चाहते हैं कि ईश्वर हर जीव में, हर सांस में, हर कण में विद्यमान है।
- उनके अनुसार ईश्वर को मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या तीर्थों में खोजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह हमारे भीतर ही बसता है।
- कबीर का मत है कि जब मनुष्य अपने अंदर झाँकता है, आत्मज्ञान प्राप्त करता है, तभी उसे ईश्वर का साक्षात्कार होता है।
- इसलिए वे कहते हैं कि ईश्वर सबमें व्याप्त है, जैसे सांस हर जीव के जीवन का आधार होती है, वैसे ही ईश्वर भी सब प्राणियों के भीतर उपस्थित है।
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