English

कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?

Advertisements
Advertisements

Question

कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?

Very Long Answer
Advertisements

Solution

  • कबीर ने ईश्वर को “सब स्वाँसों की स्वाँस में” इसलिए कहा है क्योंकि वे यह बताना चाहते हैं कि ईश्वर हर जीव में, हर सांस में, हर कण में विद्यमान है।
  • उनके अनुसार ईश्वर को मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या तीर्थों में खोजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह हमारे भीतर ही बसता है।
  • कबीर का मत है कि जब मनुष्य अपने अंदर झाँकता है, आत्मज्ञान प्राप्त करता है, तभी उसे ईश्वर का साक्षात्कार होता है।
  • इसलिए वे कहते हैं कि ईश्वर सबमें व्याप्त है, जैसे सांस हर जीव के जीवन का आधार होती है, वैसे ही ईश्वर भी सब प्राणियों के भीतर उपस्थित है।
shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [Page 93]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
Chapter 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 10 | Page 93

RELATED QUESTIONS

मारे संतों, भक्तों और महापुरुषों ने बार-बार चेताया है कि मनुष्यों में परस्पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता, लेकिन आज भी हमारे समाज में भेदभाव दिखाई देता है।
(क) आपकी दृष्टि में इस कारण देश और समाज को क्या हानि हो रही है?
(ख) आपसी भेदभाव को मिटाने के लिए अपने सुझाव दीजिए।


कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?


गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?


भाव स्पष्ट कीजिए -
(क) कोटिक ए कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारौं।
(ख) माइ री वा मुख की मुसकानि सम्हारी न जैहै, न जैहै, न जैहै।


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौंगी।


प्रस्तुत सवैयों में जिस प्रकार ब्रजभूमि के प्रति प्रेम अभिव्यक्त हुआ है, उसी तरह आप अपनी मातृभूमि के प्रति अपने मनोभावों को अभिव्यक्त कीजिए।


‘तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में ऐसा प्रश्न कवि कब और क्यों करता है?


भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


खेतों में खड़ी मटर के सौंदर्य का वर्णन ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर कीजिए।


‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर गाँव के उस सौंदर्य का वर्णन कीजिए जिसके कारण वे जन-मन को आकर्षित कर रहे हैं?


कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।


कविता में से उन पंक्तियों को ढूँढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है-

और चारों तरफ़ सूखी और उजाड़ ज़मीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।


कविता को पढ़ते समय कुछ मुहावरे मानस-पटल पर उभर आते हैं, उन्हें लिखिए और अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।


कवि को ऐसा क्यों लगता है कि चना विवाह में जाने के लिए तैयार खड़ा है?


‘मन होता है उड़ जाऊँ मैं’-कौन, कहाँ उड़ जाना चाहता है और क्यों?


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर बताइए कि भूरी घास कहाँ उगी है? वह क्या कर रही है?


काव्य-सौंदर्य लिखिए -

पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।

मेघ आए बड़े बन-ठन के सवँर के।


कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×