Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?
Advertisements
उत्तर
- कबीर ने ईश्वर को “सब स्वाँसों की स्वाँस में” इसलिए कहा है क्योंकि वे यह बताना चाहते हैं कि ईश्वर हर जीव में, हर सांस में, हर कण में विद्यमान है।
- उनके अनुसार ईश्वर को मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या तीर्थों में खोजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह हमारे भीतर ही बसता है।
- कबीर का मत है कि जब मनुष्य अपने अंदर झाँकता है, आत्मज्ञान प्राप्त करता है, तभी उसे ईश्वर का साक्षात्कार होता है।
- इसलिए वे कहते हैं कि ईश्वर सबमें व्याप्त है, जैसे सांस हर जीव के जीवन का आधार होती है, वैसे ही ईश्वर भी सब प्राणियों के भीतर उपस्थित है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?
'रस्सी' यहाँ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है और वह कैसी है?
कवयित्री द्वारा मुक्ति के लिए किए जाने वाले प्रयास व्यर्थ क्यों हो रहे हैं?
मारे संतों, भक्तों और महापुरुषों ने बार-बार चेताया है कि मनुष्यों में परस्पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता, लेकिन आज भी हमारे समाज में भेदभाव दिखाई देता है।
(क) आपकी दृष्टि में इस कारण देश और समाज को क्या हानि हो रही है?
(ख) आपसी भेदभाव को मिटाने के लिए अपने सुझाव दीजिए।
‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?
रसखान अगले जन्म में मनुष्य बनकर कहाँ जन्म लेना चाहते थे और क्यों ?
कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?
कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?
‘तिस पर है गाली, ऐ आली!’ पंक्ति के आधार पर जेल के कर्मचारियों के व्यवहार का वर्णन कीजिए।
संकलित साखियों और पदों के आधार पर कबीर के धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव संबंधी विचारों पर प्रकाश डालिए।
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए -
पखापखी, अनत, जोग, जुगति, बैराग, निरपख
कबीर ‘सुबरन कलश’ की निंदा क्यों करते हैं?
ज्ञान की आँधी आने से पहले मनुष्य की स्थिति क्या थी? बाद में उसकी दशा में क्या-क्या बदलाव आया? पठित ‘सबद’ के आधार पर लिखिए।
आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।
‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर बताइए कि आकाश कैसा दिखाई दे रहा है?
कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।
पत्थर कहाँ पड़े हुए हैं? वे क्या कर रहे हैं? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर लिखिए?
‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता में सारस का स्वर कवि को कैसा प्रतीत होता है? इसे सुनकर उसके मन में क्या इच्छा होती है?
प्राकृतिक रूप से किस श्रम की गाँठ खुलने की बात कही गई है? ‘मेघ आए’ कविता के आधार पर लिखिए।
कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
