Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गंगा के किनारों का सौंदर्य देखकर कवि अभिभूत क्यों है? ‘भ श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
गंगा के दोनों किनारों की चमकती रेत धूप में सतरंगी प्रतीत हो रही है। हवा से पानी के लहराने के कारण रेत पर टेढ़ी मेढी रेखाएँ बन गई हैं, जो साँपों के चलने से बनी हुई लगती है। इनके किनारे सरपत से लँकी हुई तरबूजों की खेती सुंदर लग रही है। इसी सरपत नामक लंबी-लंबी घास से बनी कुछ झोपड़ियाँ भी हैं, जिनमें बैठकर तरबूजों एवं सब्जियों की रखवाली की जाती है। पानी में पक्षी अपनी-अपनी क्रीड़ा में व्यस्त हैं। यह सब देखकर कवि अभिभूत है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
रसखान ने ऐसा क्यों कहा है, ‘जो पसु हौं तो कहा बस मेरो’?
एक लकुटी और कामरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार है?
‘तिस पर है गाली, ऐ आली!’ पंक्ति के आधार पर जेल के कर्मचारियों के व्यवहार का वर्णन कीजिए।
मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढ़ता फिरता है?
कबीर ने ईश्वर को ‘सब स्वाँसों की स्वाँस में’ क्यों कहा है?
मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?
'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?
काले माथे आरै सफ़ेद पंखों वाली चिड़िया आपकी दृष्टि में किस प्रकार के व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है?
‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता ने साधारण-सी वस्तुओं में भी अपनी कल्पना से अद्भुत सौंदर्य का दर्शन किया है। स्पष्ट कीजिए।
वर्षा के आने पर अपने आसपास के वातावरण में हुए परिवर्तनों को ध्यान से देखकर एक अनुच्छेद लिखिए।
‘मेघ आए’ कविता में किस संस्कृति का वर्णन किया गया है? सोदाहरण लिखिए।
कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?
‘मेघ आए’ कविता में एक साल बाद अपने पति मेघ को देखकर नवविवाहिता नायिका की क्या दशा हुई?
कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है।आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी -
(क) वह आपको क्या सीख देती हैं?
(ख) क्या उसकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
‘यमराज की दिशा’ कविता में माँ ने कवि को जो भय दिखाया है। वह कितना सार्थक था?
दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?
आज यमराज का वास कहाँ-कहाँ दिखाई पड़ता है? वे वहाँ किस रूप में दिखाई देते हैं?
