हिंदी

कवयित्री किसे साहब मानती है? वह साहब को पहचानने का क्या उपाय बताती है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कवयित्री किसे साहब मानती है? वह साहब को पहचानने का क्या उपाय बताती है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

कवयित्री परमात्मा को साहब मानती है, जो भवसागर से पार करने में समर्थ हैं। वह साहब को पहचानने का यह उपाय बताती है कि मनुष्य को आत्मज्ञानी होना चाहिए। वह अपने विषय में जानकर ही साहब को पहचान सकता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: वाख - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 10 वाख
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

संबंधित प्रश्न

इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है?


अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?


कवयित्री का 'घर जाने की चाह' से क्या तात्पर्य है?


'ज्ञानी' से कवयित्री का क्या अभिप्राय है?


‘या मुरली मुरलीधर की अधरा न धरी अधरा न धरौंगी’ का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि गोपी ने ऐसा क्यों कहा होगा?


सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं?


किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों?


जेल में कैदी के रूप में कवि को क्या-क्या काम करना पड़ा?


बालश्रम क्या है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं इसे रोकने के लिए आप कुछ सुझाव दीजिए।


तिनकों पर ओस की बूंदें देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है? और क्यों?


'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?


बादलों के आने पर प्रकृति में जिन गतिशील क्रियाओं को कवि ने चित्रित किया है, उन्हें लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की


मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?


‘बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके’ के आधार पर बताइए कि ऐसा कब हुआ और क्यों?


‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है?


शहरी मेहमान के आने से गाँव में जो उत्साह दृष्टिगोचर होता है, उसे मेघ आए कविता के आलोक में लिखिए।


कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?


कवि की माँ को जीवन जीने के रास्ते कहाँ से प्राप्त होते थे? ‘यमराज की दिशा’ कविता के आधार पर लिखिए।


कवि की माँ ने उसे जो सीख दी थी उसकी परिधि आज किस तरह विस्तृत हो गई है? ‘यमराज की दिशा’ कविता के आधार पर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×