हिंदी

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' से कवि का तात्पर्य नगर के सुख-सुविधा तथा स्वार्थपूर्ण जीवन से है, जिसे पाकर भी लोगों की इच्छाएँ खत्म नहीं होती हैं।

चाँदी के बड़े खंभे के माध्यम से कवि ने मानव प्रवृति का अत्यंत सूक्ष्म वर्णन किया है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 14: चंद्र गहना से लौटती बेर - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 14 चंद्र गहना से लौटती बेर
प्रश्न अभ्यास | Q 5 | पृष्ठ १२२

संबंधित प्रश्न

तीसरे दोहे में कवि ने किस प्रकार के ज्ञान को महत्व दिया है?


बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?


कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?


गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?


प्रस्तुत सवैयों में जिस प्रकार ब्रजभूमि के प्रति प्रेम अभिव्यक्त हुआ है, उसी तरह आप अपनी मातृभूमि के प्रति अपने मनोभावों को अभिव्यक्त कीजिए।


रसखान के इन सवैयों का शिक्षक की सहायता से कक्षा में आदर्श वाचन कीजिए। साथ ही किन्हीं दो सवैयों को कंठस्थ कीजिए।


जेल में कवि के रोने को भी गुनाह क्यों माना जाता था?


कबीर ने ‘जीवित’ किसे कहा है?


मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?


बच्चों को काम पर जाता देखकर आपके मन में जो विचार आते हैं उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।


‘ग्राम श्री’ कविता में कुछ पेड़ वातावरण की सुंदरता में वृद्धि कर रहे हैं तो कुछ वातावरण को महका रहे हैं। वातावरण को सुगंधित बनाने वाले इन पेड़ों का उल्लेख कीजिए।


'और सरसों की न पूछो' - इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं?


कवि कहाँ से लौटा है? वह खेत की मेड़ पर क्यों बैठ गया?


पत्थर कहाँ पड़े हुए हैं? वे क्या कर रहे हैं? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर लिखिए?


कविता में आए मानवीकरण तथा रूपक अलंकार के उदाहरण खोजकर लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं
और वे सभी में एक साथ
अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं


कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?


‘यमराज की दिशा’ कविता में माँ ने कवि को जो भय दिखाया है। वह कितना सार्थक था?


दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×