Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एक लकुटी और कामरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार है?
Advertisements
उत्तर
श्री कृष्ण रसखान जी के आराध्य देव हैं। उनके द्वारा डाले गए कंबल और पकड़ी हुई लाठी उनके लिए बहुत मूल्यवान है। श्री कृष्ण लाठी व कंबल डाले हुए ग्वाले के रुप में सुशोभित हो रहे हैं। जो कि संसार के समस्त सुखों को मात देने वाला है और उन्हें इस रुप में देखकर वह अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। भगवान के द्वारा धारण की गई वस्तुओं का मूल्य भक्त के लिए परम सुखकारी होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
रसखान अगले जन्म में मनुष्य बनकर कहाँ जन्म लेना चाहते थे और क्यों ?
गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?
कविता की पहली दो पक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है उसे लिखकर व्यक्त कीजिए।
बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह!
देख विषमता तेरी-मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी!
‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों?
‘कैदी और कोकिला’ कविता के आधार पर कोयल और कवि की स्थिति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
कवि को जेल क्यों भेजा गया होगा, अपनी कल्पना के आधार पर लिखिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
हिति चित्त की द्वै थूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा।
ज्ञान की आँधी आने से पहले मनुष्य की स्थिति क्या थी? बाद में उसकी दशा में क्या-क्या बदलाव आया? पठित ‘सबद’ के आधार पर लिखिए।
काम पर जाने वाले बच्चों के साथ के कार्यस्थलों एवं कारखानों पर कैसा व्यवहार किया है, अपने अनुभव एवं विवेक से लिखिए।
निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
तिनकों के हरे हरे तन पर
हिल हरित रुधिर है रहा झलक
‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर बताइए कि आकाश कैसा दिखाई दे रहा है?
खेतों में खड़ी मटर के सौंदर्य का वर्णन ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर कीजिए।
'और सरसों की न पूछो' - इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं?
‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के उस दृश्य का वर्णन कीजिए जिसे कवि देख रहा है?
‘मेघ आए’ कविता में बादलों को किसके समान बताया गया है?
लता रूपी नायिका ने मेहमान से अपना रोष किस प्रकार प्रकट किया?
‘मेघ आए’ कविता में अतिथि का जो स्वागत-सत्कार हुआ है, उसमें भारतीय संस्कृति की कितनी झलक मिली है, अपने शब्दों में लिखिए।
कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
