Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?
Advertisements
उत्तर
कवयित्री के अनुसार ईश्वर को अपने अन्त:करण में खोजना चाहिए। जिस दिन मनुष्य के हृदय में ईश्वर भक्ति जागृत हो गई अज्ञानता के सारे अंधकार स्वयं ही समाप्त हो जाएँगे। जो दिमाग इन सांसारिक भोगों को भोगने का आदी हो गया है और इसी कारण उसने ईश्वर से खुद को विमुख कर लिया है, प्रभु को अपने हृदय में पाकर स्वत: ही ये साँकल (जंजीरे) खुल जाएँगी और प्रभु के लिए द्वार के सारे रास्ते मिल जाएँगे। इसलिए सच्चे मन से प्रभु की साधना करो, अपने अन्त:करण व बाह्य इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर हृदय में प्रभु का जाप करो, सुख व दुख को समान भाव से भोगों। यही उपाय कवियत्री ने सुझाए हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
‘वाख’ पाठ के आधार पर बताइए कि परमात्मा को पाने के रास्ते में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं?
गोपियाँ ब्रज के लोगों से क्या कहना चाहती हैं और क्यों ?
सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धरण करने का आग्रह किया था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?
आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?
अर्द्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?
आपके विचार से स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा?
कबीर ‘सुबरन कलश’ की निंदा क्यों करते हैं?
‘सुबरन कलश’ किसका प्रतीक है? मनुष्य को इससे क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?
कवि के लिए बच्चों का काम पर जाना चिंता का विषय क्यों बन गया है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं? कविता के आधार पर लिखिए।
कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है?
‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में किसने किस उद्देश्य से हाथ पीले कर लिए हैं?
निम्नलिखित किसके प्रतीक हैं?
- धूल
- पेड़
- नदी
- लता
- ताल
भाव स्पष्ट कीजिए -
बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके।
मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?
कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?
कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?
