हिंदी

कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

कबीर ने ‘भान’ (सूर्य) ज्ञान को कहा है। ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त होने पर मनुष्य के मन का अंधकार दूर हो जाता है। इस अंधकार के दूर होने से मनुष्य के मन से कुविचार हट जाते हैं। वह प्रभु की सच्ची भक्ति करता है और उस आनंद में डूब जाता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: साखियाँ एवं सबद - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 9 साखियाँ एवं सबद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

संबंधित प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

(क) जेब टटोली कौड़ी न पाई।
(ख) खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।


ईश्वर प्राप्ति के लिए बहुत से साधक हठयोग जैसी कठिन साधना भी करते हैं, लेकिन उससे भी लक्ष्य प्राप्ति नहीं होती। यह भाव किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है?


बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए कवयित्री क्या आवश्यक मानती है?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौंगी।


बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?


आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?


मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढ़ता फिरता है?


ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?


निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए -

पखापखी, अनत, जोग, जुगति, बैराग, निरपख


हंस किसके प्रतीक हैं? वे मानसरोवर छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?


बालश्रम अपराध है फिर भी बच्चों को काम करते हुए देखा जा सकता है। इसके क्या कारण हो सकते हैं, लिखिए।


‘बच्चे, बहुत छोटे बच्चे’ पंक्ति के आलोक में स्पष्ट कीजिए कि कवि किस बात पर हर देश चाहता है?


प्रकृति सतत परिवर्तनशील है। ‘ग्राम श्री’ कविता में वर्णित आम, पीपल और ढाक के पेड़ों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?


कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।


कवि को ऐसा क्यों लगता है कि चना विवाह में जाने के लिए तैयार खड़ा है?


‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है?


कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?


‘यमराज की दिशा’ कविता में कवि दक्षिण दिशा में दूर तक गया फिर भी वह यमराज का घर क्यों नहीं देख पाया?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×