Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कविता में मेघ को 'पाहुन' के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नज़र आते हैं, लिखिए।
Advertisements
उत्तर
हमारी संस्कृति में अतिथि को देव तुल्य माना जाता रहा है - 'अतिथि देवो भव:'। परन्तु आज के समाज में इस विषय को लेकर बहुत परिवर्तन आए हैं। इसका प्रमुख कारण भारत में पाश्चात्य संस्कृति का आगमन है। पाश्चात्य संस्कृति का अनुकरण करते-करते आज का मनुष्य इतना आत्मकेन्द्रित होता जा रहा है कि उसके पास दूसरों के लिए समय का अभाव हो गया है। इसी कारण आज संयुक्त परिवार की संख्या धीरे-धीरे घटती जा रही है। ऐसी अवस्था में अतिथि का सत्कार करने की परम्परा प्राय: लुप्त होती जा रही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कवयित्री का 'घर जाने की चाह' से क्या तात्पर्य है?
नाव किसका प्रतीक है? कवयित्री उसे कैसे खींच रही है?
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?
किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों?
कोयल असमय चीख पड़ी थी। उसके इस प्रकार चीखने के कारणों के बारे में कवि क्या-क्या कल्पनाएँ करता है।
ब्रिटिश राज का गहना किसे कहा गया है और क्यों? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
‘बच्चे काम पर जा रहे हैं’-कविता में काले पहाड़ किसके प्रतीक हैं? ये काले पहाड़ किस तरह हानिप्रद हैं?
भाव स्पष्ट कीजिए -
हँसमुख हरियाली हिम-आतप
सुख से अलसाए-से सोए
भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके।
मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?
कविता में आए मुहावरों को छाँटकर अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
शहरी मेहमान के आने से गाँव में जो उत्साह दृष्टिगोचर होता है, उसे मेघ आए कविता के आलोक में लिखिए।
कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?
कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है।आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी -
(क) वह आपको क्या सीख देती हैं?
(ख) क्या उसकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?
