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‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों? - Hindi Course - A

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प्रश्न

‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों?

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उत्तर

‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा कवि ने कहा है क्योंकि कवि को स्वतंत्रता की माँग करने के कारण जेल में कैदकर दिया गया है। उसे वहाँ भरपेट भोजन नहीं दिया जाता है और मरने भी नहीं दिया जाता है। कवि एवं प्रसिद्ध क्रांतिकारियों की मृत्यु जेल में होने पर अंग्रेजों के विरुद्ध वातावरण बनने का भय था।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 12: कैदी और कोकिला - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 12 कैदी और कोकिला
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

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