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चौथे सवैये के अनुसार गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?

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प्रश्न

चौथे सवैये के अनुसार गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?

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उत्तर

श्री कृष्ण जी की मुरली की धुन व मुस्कान उनको लोक-लाज त्यागने पर विवश कर देती है। जिसके कारण वो सब अपने-अपने घरों की अटारी पर चढ़ जाती हैं, उन्हें अपनी परिस्थिति का ध्यान नहीं रहता न ही अपने माता-पिता का भय रहता है। वो अपना मान-सम्मान त्याग कर बस श्री कृष्ण की बाँसुरी की धुन ही सुनती रहती हैं व उनकी मुस्कान पर अपना सब कुछ न्योछावर कर देती हैं। अपनी इसी विविधता पर वह सब परेशान हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 11: सवैये - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १०२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 11 सवैये
प्रश्न अभ्यास | Q 6 | पृष्ठ १०२

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