हिंदी

बहुविकल्पी प्रश्न मीरा को किसके आने की भनक मिली।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्न

मीरा को किसके आने की भनक मिली।

विकल्प

  • ग्वाल-बालों के आने की

  • गोपियों के आने की

  • श्रीकृष्ण के आने की

  • माँ यशोदा के आने की

MCQ
Advertisements

उत्तर

श्रीकृष्ण के आने की

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 16: भोर और बरखा - अतिरिक्त प्रश्न [पृष्ठ १२१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 16 भोर और बरखा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6 | पृष्ठ १२१

संबंधित प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?


पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?


कवि अन्य कवियों से क्या आह्वान करता है?


कविता पढ़ो और जवाब दो-

(क) कविता की कौन-सी पंक्तियाँ सबसे अच्छी लगीं? 

(ख) वे पंक्तियाँ क्यों अच्छी लगीं?


बिजली के बच्चों के वार खाली क्यों जा रहे हैं?


'हम नया भूगोल बनाएँगे।'

ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?

नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।

संसार कल्पना इंसान पौधा चेतना जमाना दुनिया इतिहास

कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?


बहुविकल्पी प्रश्न

पहाड़ को किन रूपों में दर्शाया गया है?


दूर फैला अंधकार कैसा दिख रहा है?


बहुविकल्पी प्रश्न

जाल पड़ने पर पानी क्यों बह जाता है?


बहुविकल्पी प्रश्न

पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।


रहीम मनुष्य को धरती से क्या सीख देना चाहता है?


मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?


मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।


बहुविकल्पी प्रश्न

‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

दही कौन बिलो रही है?


बहुविकल्पी प्रश्न

ग्वाल-बालकों के हाथ में क्या है?


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

दीप बुझे हैं जिन आँखों के,

उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×