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बहुविकल्पी प्रश्न ग्वाल-बालकों के हाथ में क्या है?

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प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्न

ग्वाल-बालकों के हाथ में क्या है?

विकल्प

  • मक्खन

  • रोटी-मक्खन

  • रोटी

  • मिसरी

MCQ
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उत्तर

रोटी-मक्खन

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 16: भोर और बरखा - अतिरिक्त प्रश्न [पृष्ठ १२१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 16 भोर और बरखा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5 | पृष्ठ १२१

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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?


क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?


कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत कुछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीज़ों में से कौन-सी चीज़ें बगीचे में होंगी?

कार

फूल

क्यारियाँ

चिड़ियाँ

सड़क

फल

खेत

तालाब

कारखाने

पेड़

कुर्सी

कागज़

पत्ता

टहनी


हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।


बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?


"तब माँ कोई कर न सकेगा
अपने ऊपर अत्याचार।"

कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?


नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।

"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"

तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।


नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।

"रोज त्योहार मनाएँगे।"

तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?


कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहाँ सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-

संध्या का झुटपुट-

बाँसों का झुरमुट-

है चहक रहीं चिड़ियाँ

टी-वी-टी--टुट्-टुट्

• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।


नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-

(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||

(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||


निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-

जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)

बिपति बादर
मछरी सीत

कवि की बेचैनी का क्या कारण था?


नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए-

‘माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।’


मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?


पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


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