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प्रश्न
क्या आप क्रांति के समर्थक हैं? क्या क्रांति के द्वारा समाज में व्याप्त अव्यवस्था को दूर किया जा सकता है? कैसे तर्क सहित उत्तर लिखिए।
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उत्तर
हाँ, मैं समाज में कुरीतियों को दूर करने के लिए क्रांति का समर्थक हूँ। लेकिन जब तक इस समाज में क्रांति की आवश्यकता बनी हुई है तब तक मैं क्रांति का बिगुल बजाता रहता हूँ। लक्ष्य पाने के बाद क्रांति की आवश्यकता होती है। हम ऐसी क्रांति का समर्थन करते हैं।
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कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"
अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।
| बच्चा- | ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो? |
| लकड़हारा- | यह तो मेरा काम है। |
| बच्ची – | पर यह तो गलत है। |
| लकड़हारा- | यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है। |
बच्ची __________________________________________
लकड़हारा _____________________________________
_______________________________________________
कवि फूलों, गीतों और विद्या की खेती क्यों करना चाहता है?
तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।
बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?
"तब माँ कोई कर न सकेगा
अपने ऊपर अत्याचार।"
कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"सौ सौ स्वर्ग उतर आएँगे, सूरज सोना बरसाएँगे। दूध पूत के लिए बदल देगें तारों की चाल"
क्या ऊपर लिखी बातें संभव हो सकती हैं? कारण भी पता करो?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
समय को रहा दिखाना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
तारों की चाल बदल देना
हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते?
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
कौन किस रूप में बैठा है?
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“संपति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
रहीम के दोहों से हमें क्या सीख मिलती है?
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कृष्ण को जगाने के लिए द्वार पर कौन खड़े हैं?
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किसके आने की आहट सुनकर मीरा प्रसन्न हो गई।
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
खाने-गाने के सब साथी,
देख रहे हैं मेरी बाट।
