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बहुविकल्पी प्रश्न कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्न

कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?

विकल्प

  • शांति की

  • भ्रांति की

  • क्रांति की

  • उपर्युक्त सभी

MCQ
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उत्तर

क्रांति की

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 20: विप्लव - गायन - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 20 विप्लव - गायन
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

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(क) कविता की कौन-सी पंक्तियाँ सबसे अच्छी लगीं? 

(ख) वे पंक्तियाँ क्यों अच्छी लगीं?


बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।

नमूना →  ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है।
  तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है।

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बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-

पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।


'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-

भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।

• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


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