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प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
“चिलम आधी होना’ किसका प्रतीक है?
विकल्प
सूरज के डूबने का
सूरज के चमकने का
दिन खपने का
रात होने का
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उत्तर
सूरज के डूबने का
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संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से संबंधित कुछ कविताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। "जंगल" शीर्षक से दी गई कविता को पढ़ो और अपने दोस्तों को सुनाओ।
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
सलमा ________ की तरह दौड़ती है।
रिक्त स्थान भरो
न, मत और नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में 'न', 'मत', 'मना' और 'नहीं' भरो।
(क) तुम वहाँ __________जाओ।
(ख) परीक्षा में _______ जो रामू फेल हुआ ________ही असलम।
(ग) मुझे इस प्रश्न का उत्तर ________ पता।
(घ) माँ ने मुझे छत पर जाने से _______ किया है।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"रोज त्योहार मनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?
कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहाँ सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।
बहुविकल्पी प्रश्न
चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?
किसको किस रूप में चित्रित किया गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है
बहुविकल्पी प्रश्न
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।
‘जल को मछलियों से कोई प्रेम नहीं होता’ इसका क्या प्रमाण है?
कविता में दो शब्दों के मध्य (−) का प्रयोग किया गया है, जैसे− 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?
कविता में (, −। आदि) जैसे विराम चिह्नों का उपयोग रुकने, आगे-बढ़ने अथवा किसी खास भाव को अभिव्यक्त करने के लिए किया जाता है। कविता पढ़ने में इन विराम चिह्नों का प्रभावी प्रयोग करते हुए काव्य पाठ कीजिए। गद्य में आमतौर पर है शब्द का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है, जैसे - देशराज जाता है अब कविता की निम्न पंक्तियों को देखिए-
'कण-कण में है व्याप्त......वही तान गाती रहती है,'
इन पंक्तियों में है शब्द का प्रयोग अलग-अलग जगहों पर किया गया है। कविता में अगर आपको ऐसे अन्य प्रयोग मिलें तो उन्हें छाँटकर लिखिए।
कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?
नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए-
‘माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।’
कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
डाल - ढाल
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
बिजली के आँगन में अम्माँ
