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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

SSC (English Medium) 10th Standard - Maharashtra State Board Question Bank Solutions for Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।।
दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं।।
बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।।
बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे।।
छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई।।
भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी।।
समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्‍जन पहिं आवा।।
सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई।।
  1. निम्नलिखित विधान सत्य अथवा असत्य पहचानकर लिखिए :     [2]
    1. उपर्युक्त पद्यांश में शिशिर ऋतु का वर्णन किया है → ______
    2. श्री राम जी का मन डर रहा है → ______
    3. दुष्ट व्यक्ति का प्रेम स्थिर नहीं होता है → ______
    4. सदगुण एक-एक करके अपने आप सज्जन व्यक्ति के पास आ जात हैं → ______
    1. निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द दूँढ़कर लिखिए:     [1]
      1. दुष्ट - 
      2. विद्वान - 
    2. निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:    [1]
      1. बूँद →
      2. गिरी →
  2. उपर्युक्त पदूयांश से क्रमश: किन्हीं दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।    [2]
[2.01] बरषहिं जलद
Chapter: [2.01] बरषहिं जलद
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

काँटो के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेणा।

भीतरी कुंठा
आँखों के द्‌वार से
आई बाहर।

खारे जल से
धुल गए विषाद
मन पावन ।

  1. उचित जोड़ियाँ मिलाइए :         [2]
      'अ' 'आ'
    (i) खिलखिलाता फूल विषाद
    (ii) भीतरी जल
    (iii) खारा प्रेरणा
    (iv) पावन कुंठा
        मन
  2. काँटों के बीच खिलनेवाला फूल प्रेरणा देता है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।         [2]
[1.04] मन (पूरक पठन)
Chapter: [1.04] मन (पूरक पठन)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

इस वर्ष बड़ी भीषण गरमी पड़ रही थी। दिन तो अंगारे से तपे रहते ही थे, रातों में भी लू और उमस से चैन नहीं मिलता था। सोचा इस लिजलिजे और घुटनभरे मौसम से राहत पाने के लिए कुछ दिन पहाड़ों पर बिता आएँ।

अगले सप्ताह ही पर्वतीय स्थल की यात्रा पर निकल पड़े। दो-तीन दिनों में ही मन में सुकून-सा महसूस होने लगा था। वहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, हरे-भरे पहाड़ गर्व से सीना ताने खड़े, दीर्घता सिद्ध करते वृक्ष, पहाड़ों की नीरवता में हल्का-सा शोर कर अपना अस्तित्व सिद्ध करते झरने, मन बदलाव के लिए पर्याप्त थे।

उस दिन शाम के वक्‍त झील किनारे टहल रहे थे। एक भुट्‌टेवाला आया और बोला- "साब, भुट्‌टा लेंगे। गरम-गरम भूनकर मसाला लगाकर दूँगा।" सहज ही पूछ लिया- "कितने का है ?"
"पाँच रुपये का।"
"क्‍या ? पाँच रुपये में एक भुट्‌टा। हमारे शहर में तो दो रुपये में एक मिलता है, तुम तीन ले लो।"

  1. संजाल पूर्ण कीजिए:       [2]
  2. 'प्रकृति मन को प्रसन्न करती है' विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।      [2]
[2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
Chapter: [2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

अभी समाज में यह चल रहा है कि बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चलाते हैं और थोड़े बौद्धिक श्रम से। जिनके पास संपत्ति अधिक है, वे आराम में रहते हैं। अनेक लोगों में श्रम करने की आदत भी नहीं है। इस दशा में उक्त नियम का अमल होना दूर की वात है फिर भी उसके पीछे जो तथ्य है, वह हमें स्वीकार करना चाहिए भले ही हमारी दुर्बलता के कारण हम उसे ठीक तरह से न निभा सकें क्योंकि आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम बिना हो ही नहीं सकती। इसलिए बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता। अगर पैसे के बल पर हम सामग्री खरीदते हैं तो उस पैसे की जड़ भी अंत में श्रम ही है।

धनिक लोग अपनी ज्यादा संपत्ति का उपयोग समाज के हित में ट्रस्टी के तौर पर करें। संपत्ति दान यज्ञ और भूदान यज्ञ का भी आखिर आशय क्या है? अपने पास आवश्यकता से जो कुछ अधिक है, उसपर हम अपना अधिकार न समझकर उसका उपयोग दूसरों के लिए करें।

यह भी बहस चलती है कि धनिकों के दान से सामाजिक उपयोग के अनेक बड़े-बड़े कार्य होते हैं जैसे कि अस्पताल, विद्यालय आदि।

(1) उत्तर लिखिए:     [2]

  1. समाज में अपनी आजीविका बहुत से लोग इससे चलाते हैं -
  2. समाज में अपनी आजीविका थोड़े लोग इससे चलाते हैं -
  3. आराम में रहने वाले लोगों के पास यह अधिक है -
  4. अनेक लोगों में इसकी आदत नहीं है -

(2) कृति पूर्ण कीजिए:     [2]

(3) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:      [2]

  1. उपसर्गयुक्त शब्द शब्द प्रत्यययुक्त शब्द
    ______ ← श्रम → ______
  2. गद्यांश में प्रयुक्त शब्दयुग्म ढुँढ़कर उसका अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(4) 'करोगे दान पाओगे सामाधान' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।      [2]

[2.03] श्रम साधना
Chapter: [2.03] श्रम साधना
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निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए।

क्या तुम कॉलेज में पढ़ी हो?

[3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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वक्‍तृत्‍व प्रतियोगिता में प्रथम स्‍थान पाने के उपलक्ष्य में आपके मित्र/सहेली ने आपको बधाई पत्र भेजा है, उसे धन्यवाद देते हुए निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखिए :

दिनांक: ........
संबोधन: ........
अभिवादन: ........
प्रारंभ:

       विषय विवेचन:

      --------------------------------------------------------------------------

      --------------------------------------------------------------------------

तुम्‍हारा/तुम्‍हारी,
........
नाम: ........
पता: ........
ई-मेल आईडी: ........

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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विजय/विजया मोहिते, वरदा सोसायटी, विजयनगर, कोल्हापुर से व्यवस्‍थापक, औषधि भंडार, नागपुर को पत्र लिखकर आयुर्वेदिक औषधियों की माँग करता/करती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए

काम जरा लेकर देखो, सख्त बात से नहीं स्‍नेह से
अपने अंतर का नेह अरे, तुम उसे जरा देकर देखो ।
कितने भी गहरे रहें गर्त, हर जगह प्यार जा सकता है,
कितना भी भ्रष्‍ट जमाना हो, हर समय प्यार भा सकता है ।
जो गिरे हुए को उठा सके, इससे प्यारा कुछ जतन नहीं,
दे प्यार उठा पाए न जिसे, इतना गहरा कुछ पतन नहीं ।।

                                     (भवानी प्रसाद मिश्र)

अ) उत्‍तर लिखिए :

  1. किसी से काम करवाने के लिए उपयुक्‍त - ______
  2. हर समय अच्छी लगने वाली बात - ______

आ) उत्‍तर लिखिए :

  1. अच्छा प्रयत्‍न यही है - ______
  2. यही अधोगति है - ______

 इ) पद्‌यांश की तीसरी और चौथी पंक्‍ति का संदेश लिखिए ।

[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
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कारण लिखिए :

युवक को पहले नौकरी न मिल सकी

[2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
Chapter: [2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
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कारण लिखिए :

आखिरकार अधिकारियों द्‌वारा युवक का चयन कर लिया गया

[2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
Chapter: [2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
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प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:

[2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
Chapter: [2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
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‘भ्रष्‍टाचार एक कलंक’ विषय पर अपने विचार लिखिए।

[2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
Chapter: [2.02] दो लघुकथाएँ (पूरक पठन) : कंगाल, सही उत्‍तर
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अपने मित्र/सहेली को जिला विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्‍कार प्राप्त होने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए।

दिनांक: ______

संबाेधन:

अभिवादन:

       प्रारंभ: ______

       विषय विवेचन: ______

        समापन: ______

हस्‍ताक्षर: ______

नाम: ______

पता: ______

       ______

ई-मेल आईडी: ______

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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सूचना:– आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।

सूचनाओंके अनुसार लेखन कीजिए: (05)

1. पत्रलेखन:

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

राधेय/राधा चौगुले, रामेश्वरनगर, वर्धा से दोहा प्रतियोगिता में प्रथम क्रमांक प्राप्त करने के कारण अभिनंदन करते हुए अपने मित्र/सहेली किशोर/किशोरी पाटील, स्टेशन रोड, जालना को पत्र लिखता/लिखती है।

अथवा

अशोक/आशा मगदुम, लक्ष्मीनगर, नागपुर से व्यवस्थापक, कौस्तुभ पुस्तक भंडार, सदर बाजार, नागपुर को प्राप्त पुस्तकों संबंधी शिकायत करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।

2. निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों: (04)

स्वाधीन भारत में अभी तक अंग्रेजी हवाओंमें कुछ लोग यह कहते मिलेंगे – जब तक विज्ञान और तकनीकी ग्रंथ हिंदी में न हो तब तक कैसे हिंदी में शिक्षा दी जाए। जब कि स्वामी श्रद्धानंद स्वाधीनता से भी चालीस साल पहले गुरुकुल काँगड़ी में हिंदी के माध्यम से विज्ञान जैसे गहन विषयों की शिक्षा दे रहे थे। ग्रंथ भी हिंदी में थे और पढ़ाने वाले भी हिंदी के थे। जहाँ चाह होती है वहीं राह निकलती है। एक लंबे अरसे तक अंग्रेज गुरुकुल काँगड़ी को भी राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग मानते रहे। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि गुरुकुल के स्नातकों में स्वाधीनता की अजीब तड़प थी। स्वामी श्रद्धानंद जैसा राष्ट्रीय नेता जिस गुरुकुल का संस्थापक हो और हिंदी शिक्षा का माध्यम हो; वहीं राष्ट्रीयता नहीं पनपेगी तो कहाँ पनपेगी। स्वामी जी से मिलने देश के प्रमुख राष्ट्रीय नेता भी गुरुकुल आते रहते थे।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

राधेय/राधा चौगुले, रामेश्वरनगर, वर्धा से दोहा प्रतियोगिता में प्रथम क्रमांक प्राप्त करने के कारण अभिनंदन करते हुए अपने मित्र/सहेली किशोर/किशोरी पाटील, स्टेशन रोड, जालना को पत्र लिखता/लिखती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

अशोक/आशा मगदुम, लक्ष्मीनगर, नागपुर से व्यवस्थापक, कौस्तुभ पुस्तक भंडार, सदर बाजार, नागपुर को प्राप्त पुस्तकों संबंधी शिकायत करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

उमा/उमेश, 205, नेहरू मार्ग, पुणे से ‘नंदनवन कॉलोनी’ सातारा में रहने वाले छोटे भाई मंगेश को राज्यस्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए पत्र लिखता/लिखती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

शुभम/शुभांगी, 45, गणेश नगर, जलगाँव से व्यवस्थापक, मीरा पुस्तक भंडार, नेताजी मार्ग, नासिक को हिंदी पुस्तकों की माँग करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

नदी निकलती है पर्वत से, मैदानों में बहती है।
और अंत में मिल सागर से, एक कहानी कहती है।

बचपन में छोटी थी पर मैं, बड़े वेग से बहती थी।
आँधी-तूफाँ, बाढ़-बवंडर, सब कुछ हँसकर सहती थी।

मैदानों में आकर मैंने, सेवा का संकल्प लिया।
और बना जैसे भी मुझसे, मानव का उपकार किया।

अंत समय में बचा शेष जो, सागर को उपहार दिया।
सब कुछ अर्पित करके अपने, जीवन को साकार किया।

(1) कृति पूर्ण कीजिए: (2)

(2) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों: (2)

  1. सागर
  2. छोटी

(3) प्रस्तुत पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए। (2)

[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन कीजिए:

अनय/अनया पाटील, ‘गीतांजली’, गुलमोहर रोड, अहमदनगर से अपनी छोटी बहन अमिता पाटील, 3, ‘श्रीकृपा’, शिवाजी रोड, नेवासा को राज्यस्तरीय कबड्डी संघ में चयन होने के उपलक्ष्य में अभिनंदन करने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।

[4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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