English

Science (Hindi Medium) Class 12 [कक्षा १२] - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
Subjects
Popular subjects
Topics

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  6541 to 6560 of 8221  next > 

किसी झील के तट पर खड़ा मछुआरा झील के भीतर किसी गोताखोर द्वारा तिरछा देखने पर अपनी वास्तविक लम्बाई की तुलना में कैसा प्रतीत होगा-छोटा अथवा लम्बा?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined

क्या तिरछा देखने पर किसी जल के टैंक की आभासी गहराई परिवर्तित हो जाती है? यदि हाँ, तो आभासी गहराई घटती है अथवा बढ़ जाती है।

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

सामान्य काँच की तुलना में हीरे का अपवर्तनांक काफी अधिक होता है? क्या हीरे को तराशने वालों के लिए इस तथ्य का कोई उपयोग होता है?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined

किसी कमरे की एक दीवार पर लगे विद्युत बल्ब का किसी बड़े आकार के उत्तल लेंस द्वारा 3 m दूरी पर स्थित सामने की दीवार पर प्रतिबिंब प्राप्त करना है। इसके लिए उत्तल लेंस की अधिकतम फोकस दूरी क्या होनी चाहिए?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined
  1. प्रश्न 9.23 में लेंस को चित्र से कितनी दूरी पर रखा जाए ताकि वर्गों को अधिकतम संभव आवर्धन क्षमता के साथ सुस्पष्ट देखा जा सके।
  2. इस उदाहरण में आवर्धन (प्रतिबिंब-साइज़/वस्तु-साइज़) क्या है?
  3. क्या इस प्रक्रम में आवर्धन, आवर्धन क्षमता के बराबर है? स्पष्ट कीजिए।
[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined

किसी दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 140 cm तथा नेत्रिका की फोकस दूरी 5.0 cm है। दूर की वस्तुओं को देखने के लिए दूरबीन की आवर्धन क्षमता क्या होगी जब-

  1. दूरबीन का समायोजन सामान्य है (अर्थात अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है)।
  2. अंतिम प्रतिबिंब स्पष्ट दर्शन की अल्पतम दूरी (25 cm) पर बनता है।
[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined
  1. दूरबीन का समायोजन सामान्य है (अर्थात अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है)। अभिदृश्यक लेंस तथा नेत्रिका के बीच पृथक्कन दूरी क्या है?
  2. यदि इस दूरबीन का उपयोग 3 km दूर स्थित 100 m ऊँची मीनार को देखने के लिए किया जाता है तो अभिदृश्यक द्वारा बने मीनार के प्रतिबिंब की ऊँचाई क्या है?
  3. यदि अंतिम प्रतिबिंब 25 cm दूर बनता है तो अंतिम प्रतिबिंब में मीनार की ऊँचाई क्या है?
[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Concept: undefined >> undefined

आप मूल पाठ में जान चुके हैं कि हाइगेन्स का सिद्धान्त परावर्तन और अपवर्तन के नियमों के लिए किस प्रकार मार्गदर्शक है। इसी सिद्धान्त का उपयोग करके प्रत्यक्ष रीति से निगमन (deduce) कीजिए कि समतल दर्पण के सामने रखी किसी वस्तु का प्रतिबिंब आभासी बनता है, जिसकी दर्पण से दूरी, बिंब से दर्पण की दूरी के बराबर होती है।

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
Concept: undefined >> undefined

सीज़ियम धातु का कार्य-फलन 2.14 eV है। जब 6 × 1014 Hz आवृत्ति का प्रकाश धातु-पृष्ठ पर आपतित होता है, इलेक्ट्रॉनों का प्रकाशिक उत्सर्जन होता है।

  1. उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा,
  2. निरोधी विभव, और
  3. उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम चाल कितनी है?
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

एक विशिष्ट प्रयोग में प्रकाश-विद्युत प्रभाव की अंतक वोल्टता 1.5 v है। उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा कितनी है?

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

632.8 nm तरंगदैर्घ्य का एकवर्णी प्रकाश एक हीलियम-नियॉन लेसर के द्वारा उत्पन्न किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति 9.42 mW है।

  1. प्रकाश के किरण-पुंज में प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा तथा संवेग प्राप्त कीजिए।
  2. इस किरण-पुंज के द्वारा विकिरित किसी लक्ष्य पर औसतन कितने फोटॉन प्रति सेकंड पहुँचेंगे? (यह मान लीजिए कि किरण-पुंज की अनुप्रस्थ काट एकसमान है जो लक्ष्य के क्षेत्रफल से कम है।)
  3. एक हाइड्रोजन परमाणु को फोटॉन के बराबर संवेग प्राप्त करने के लिए कितनी तेज चाल से चलना होगा?
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

किसी धातु की देहली आवृत्ति 3.3 × 1014 Hz है। यदि 8.2 × 1014 Hz आवृत्ति का प्रकाश धातु पर आपतित हो, तो प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन के लिए अंतक वोल्टता ज्ञात कीजिए।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

किसी धातु के लिए कार्य-फलन 4.2 eV है। क्या यह धातु 330 nm तरंगदैर्घ्य के आपतित विकिरण के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन देगा?

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

7.21 × 1014 Hz आवृत्ति का प्रकाश एक धातु-पृष्ठ पर आपतित है। इस पृष्ठ से 6.0 × 105 m/s की उच्चतम गति से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो रहे हैं। इलेक्ट्रॉनों के प्रकाश उत्सर्जन के लिए देहली आवृत्ति क्या है?

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

488 nm तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक ऑर्गन लेसर से उत्पन्न किया जाता है, जिसे प्रकाश-विद्युत प्रभाव के उपयोग में लाया जाता है। जब इस स्पेक्ट्रमी-रेखा के प्रकाश को उत्सर्जक पर आपतित किया जाता है, तब प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों का निरोधी (अंतक) विभव 0.38 V है। उत्सर्जक के पदार्थ का कार्य-फलन ज्ञात करें।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined
  1. एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए, जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में 500v के विभवान्तर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं। इलेक्ट्रॉनों के लघु प्रारम्भिक चालों की उपेक्षा कर दें। इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश अर्थात् \[\frac{e}{m}\] = 1.76 x 1011 C kg है।।
  2. संग्राहक विभव 10 MV के लिए इलेक्ट्रॉनों की चाल ज्ञात करने के लिए उसी सूत्र का प्रयोग करें, जो (a) में काम में लाया गया है। क्या आप इस सूत्र को गलत पाते हैं? इस सूत्र को किस प्रकार सुधारा जा सकता है?
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined
  1. एक समोर्जी इलेक्ट्रॉन किरण-पुंज जिसमें इलेक्ट्रॉन की चाल 5.20 x 106 ms-1 है, पर एक चुम्बकीय-क्षेत्र 1.30 x 10-4 किरण-पुंज की चाल के लम्बवत् लगाया जाता है। किरण-पुंज द्वारा आरेखित वृत्त की त्रिज्या कितनी होगी, यदि इलेक्ट्रॉन के e/m का मान 1.76 x 1011C kg-1 है।
  2. क्या जिस सूत्र को (a) में उपयोग में लाया गया है वह यहाँ भी एक 20 Mev इलेक्ट्रॉन किरण-पुंज की त्रिज्या परिकलित करने के लिए युक्तिपरक है? यदि नहीं तो किस प्रकार इसमें संशोधन किया जा सकता है?
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

आगे आने वाली दो संख्याओं का आकलन रोचक हो सकता है। पहली संख्या यह बताएगी कि रेडियो अभियान्त्रिक फोटॉन की अधिक चिन्ता क्यों नहीं करते। दूसरी संख्या आपको यह बताएगी कि हमारे नेत्र ‘फोटॉनों की गिनती क्यों नहीं कर सकते, भले | ही प्रकाश साफ-साफ संसूचन योग्य हो।

  1. एक मध्य तरंग (medium wave) 10 kW सामर्थ्य के प्रेषी, जो 500 m तरंगदैर्ध्य की रेडियो तरंग उत्सर्जित करता है, के द्वारा प्रति सेकण्ड उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या।
  2. निम्नतम तीव्रता का श्वेत प्रकाश जिसे हम देख सकते हैं (10-10 w m4) के संगत फोटॉनों की संख्या जो प्रति सेकण्ड हमारे नेत्रों की पुतली में प्रवेश करती है। पुतली का क्षेत्रफल लगभग 0.4 cm और श्वेत प्रकाश की औसत आवृत्ति को लगभग 6 x 1024 Hz मानिए।
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

10-5 W m-2 तीव्रता का प्रकाश सोडियम प्रकाश सेल के 2 cm2 क्षेत्रफल के पृष्ठ पर पड़ता है। यह मान लें कि ऊपर की सोडियम की पाँच परतें आपतित ऊर्जा को अवशोषित करती हैं तो विकिरण के तरंग-चित्रण में प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन के लिए आवश्यक समय का आकलन कीजिए। धातु के लिए कार्य-फलन लगभग 2eV दिया गया है। आपके उत्तर का क्या निहितार्थ है?

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

X-किरणों के प्रयोग अथवा उपयुक्त वोल्टता से त्वरित इलेक्ट्रॉनों से क्रिस्टल-विवर्तन प्रयोग किए जा सकते हैं। कौन-सी जाँच अधिक ऊर्जा सम्बद्ध है? (परिमाणिक तुलना के लिए, जाँच के लिए तरंगदैर्घ्य को 1 Å लीजिए, जो कि जालक (लेटिस) में अंतर-परमाणु अंतरण की कोटि को है) (me = 9.11 x 10-31 kg)।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined
< prev  6541 to 6560 of 8221  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×