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रोगी बालक के प्रति गांधी जी का व्यव्हार किस प्रकार का था
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कश्मीर के लोग ने नेहरू जी का स्वागत किस प्रकार किया?
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अखबार वाली घटना से नेहरू जी के व्यक्तित्व की कोन सी विशेषता स्पष्ट होती है
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फिलिस्तीन के प्रति भारत का रवैया बहुत सहानुभूतिपूर्ण समर्थन भरा क्यू था?
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अराफात के आतिथ्य प्रेम से संबंधित किन्हीं दो घटनाओ का वर्णन कीजिये
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अराफात ने ऐसा क्यू बोला की यह आप के नहीं हमारे भी नेता है उतने ही आदरडाणीय जितने आप के लिए इस कत्थक के आधार पे गाँधी के व्यत्तित्व पर प्रकाश डालिये
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नेहरू जी द्वारा सुनाई गई कहानी अपने शब्दों में लिखिए
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आप अपने विद्यालय के खेल कप्तान हैं। टोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में भारतीय प्रदर्शन से अति उत्साहित हैं। खेलों के प्रति रुचि जाग्रत करने के लिए अपने विचार व्यक्त करते हुए लगभग 120 शब्दों में किसी समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
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आप निवासी कल्याण संघ (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) के अध्यक्ष मुकेश बदरप्पा हैं।नगर विकास प्राधिकरण के सचिव को अपने क्षेत्र के पार्क के समुचित विकास के लिए लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।
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‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के लिए कोई दूसरा शीर्षक लिखें तथा इसे चुनने के लिए अपने तर्क दें।
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पारो और संभव में से आप किसके प्रति अधिक सहानुभूति रखते हैं और क्यों? ‘दूसरा देवदास’ पाठ के आधार पर उस पात्र की मन:स्थिति का वर्णन कीजिए।
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"व्यापार यहाँ भी था।" - 'दूसरा देवदास' पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
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औद्योगीकरण ने पर्यावरण को कैसे प्रभावित किया है? "जहाँ कोई वापसी नहीं" पाठ के आधार पर बताइए।
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नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
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निर्मम कुम्हार की थापी से आशा में निश्छल पल जाए, छलना में पड़ कर छल जाए फसलें उगतीं, फसलें कटती लेकिन धरती चिर उर्वर है रो दे तो पतझर आ जाए, हँस दे तो मधुऋतु छा जाए उनचास मेघ, उनचास पवन, अंबर अवनि कर देते सम मिट्टी की महिमा मिटने में |
(1) कुम्हार को कठोर कहने से कवि कुम्हार की किस प्रवृत्ति को उजागर करता है? (1)
(क) अत्याचारी
(ख) दृढ़संकल्पी
(ग) क्रोधी
(घ) स्वेच्छाचारी
(2) मिट्टी के गल जाने पर भी उसका विश्वास अमर व अटूट रहता है क्योंकि मिट्टी है - (1)
(क) चिरवाई
(ख) अधीश्वर
(ग) अविनीता
(घ) चिरस्थायी
(3) ऋतुओं के अनुसार मिट्टी का रोना, हँसना, झूमना विश्लेषित करता है कि - (1)
(क) मनुष्य की भाँति भावुक प्रवृत्ति की है।
(ख) सब के अनुकूल स्वयं को ढाल लेती है।
(ग) प्रकृति में समयानुसार परिवर्तन होता है।
(घ) रूप-रंग की भिन्नता भौगोलिक भिन्नता है।
(4) ‘उनचास मेघ, उनचास पवन’ के माध्यम से कवि का आशय है - (1)
(क) मेघ और पवन की सर्वव्यापकता
(ख) प्रकृति के भयावह रूप का प्रदर्शन
(ग) कई बार या असंख्य बार का संकेत
(घ) वर्षा व आँधी का निरंतर कर्मरत रहना
(5) ‘यों तो बच्चों की गुड़िया-सी भोली मिट्टी’ का भावार्थ है - (1)
(क) बच्चों को मिट्टी और गुड़िया से खेलना प्रिय है
(ख) गुड़िया की भाँति मिट्टी का अस्तित्व व्यर्थ है
(ग) मूक मिट्टी को मनुष्य इच्छानुसार रूप प्रदान करता है
(घ) मिट्टी मूक है और फसलें उगा कर लोक सेवा करती है
(6) पेड़-पौधों का लहराना मिट्टी की किस क्रिया को दर्शाता है - (1)
(क) थिरकना
(ख) छलना
(ग) टकराना
(घ) बसना
(7) अनेक रूप धारण करने के बाद फिर से मिट्टी में विलय होना कविता की निम्नलिखित पंक्तियों द्वारा स्पष्ट होता है - (1)
(क) सौ बार बने सौ बार मिटे
(ख) ठोकर लग जाए छहराए
(ग) कितने रूपों में कुटी-पिटी
(घ) लेकिन धरती चिर उर्वर है
(8) कविता का संदेश है - (1)
(क) मिट्टी के प्रयोग से परिचित करवाना
(ख) मिट्टी की मोहक मस्ती की सुंदरता
(ग) मिट्टी की महिमा द्वारा प्रेरणा देना
(घ) मिट्टी के परोपकारी रूप का वर्णन
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नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
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अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। घबराओ मत अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। रथ के घोड़े सूरज जाएगा भी तो कहाँ |
(1) इन पंक्तियों में कवि का निश्चय प्रकट होता है कि वह - (1)
(क) पहाड़ी क्षेत्र में जाकर रहेगा
(ख) अपने लक्ष्य को पाकर रहेगा
(ग) प्रकृति के उपादानों से प्रेरित है
(घ) जीवन की उहापोह में उलझा है
(2) कवि का तैयार होना दर्शाता है कि वह - (1)
(क) शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार है।
(ख) दुनिया से लड़ने का साहस रखता है।
(ग) नकारात्मक प्रभाव से बचाव चाहता है।
(घ) निरंतर कर्मरत एवं उपेक्षित रहता है।
(3) ‘घबराओ मत, मैं क्षितिज पर जा रहा हूँ।’ पंक्ति का भाव है - (1)
(क) पाठक के लिए सहृदयता
(ख) सूर्य के लिए अटूट श्रद्धा
(ग) पर्वतारोहण के लिए प्रयासरत
(घ) प्राप्य को पाने के लिए सावधान
(4) सूरज द्वारा लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं प्रकाश का आगमन होता है। यह कथन दर्शाता है कि सूरज है - (1)
(क) चित्रात्मक
(ख) प्रतीकात्मक
(ग) प्रयोगात्मक
(घ) वर्णनात्मक
(5) ‘सूरज जाएगा भी तो कहाँ उसे यहीं रहना होगा।’ कथन दर्शाता है - (1)
(क) विवशता
(ख) स्थायित्व
(ग) आत्मबोध
(घ) दृढ़निश्चय
(6) कविता का संदेश क्या है? (1)
(क) अनुकूल परिस्थितियों में स्थिरता रखना
(ख) प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना
(ग) उद्देश्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित रहना
(घ) सूर्यास्त से पूर्व कार्यों का समापन करना
(7) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): तुम जो साहस की मूर्ति हो, तुम जो धरती का सुख हो।
कारण (R): कवि स्वयं को साहस की मूर्ति मानता है, जो धरती के जीवों के लिए सुखद परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(8) कवि के संबंध में इनमें से सही है कि वह - (1)
(क) सत्य की खोज करता है
(ख) भावुक प्रवृत्ति का है
(ग) लघुता का जानकार है
(घ) अदम्य साहस का धनी है
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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए -
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भर जलद धरा को ज्यों अपार; मुझ भाग्यहीन की तू संबल |
(1) ‘भर जलद धरा को ज्यों अपार’ पंक्ति द्वारा प्रतिपादित किया गया है - (1)
(क) वैमनस्य
(ख) अनुभव
(ग) स्नेह
(घ) प्रकाश
(2) कवि स्वयं को भाग्यहीन कहकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं? (1)
(क) मनचाही प्रसिद्धि न मिलना
(ख) सरोज की आर्थिक दशा
(ग) सरोज ही एकमात्र सहारा
(घ) पारिवारिक सदस्यों से बिछोह
(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)
- कवि सरोज को शकुंतला के समान मानते थे।
- पुत्री सरोज की मृत्यु असमय हो गई थी।
- सरोज की मृत्यु अपनी ससुराल में हुई थी।
इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -
(क) केवल (i)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) केवल (ii)
(घ) (ii) और (iii)
(4) ‘हो इसी कर्म पर वज्रपात’ के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि वह - (1)
(क) कष्टदायक जीवन के बाद धार्मिक बन रहे हैं।
(ख) मस्तक पर वज्रपात सहने का साहस कर रहे हैं।
(ग) समस्त जीवन दुख में ही व्यतीत करते रहे हैं।
(घ) प्रतिकूलताओं के आगे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
(5) दुख ही जीवन की कथा रही के माध्यम से प्रकट हो रही है - (1)
(क) शैशवावस्था
(ख) वृदूधावस्था
(ग) वियोगावस्था
(घ) विश्लेषणावस्था
(6) ‘क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’
पंक्ति के माध्यम से कवि की स्वाभाविक विशेषता बताने के लिए सूक्ति कहीं जा सकती है - (1)
(क) पर उपदेश कुशल बहुतेरे
(ख) बिथा मन ही राखो गोय
(ग) मुझसे बुरा न कोय
(घ) मन के हारे हार है
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए -
| बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था, हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आँखों में दीख रही थी। कुछ खाँसकर, गला साफ़ कर नकली परदे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे से कहा, ‘लड्डू’। पिता और अध्यापक निराश हो गए। इतने समय तक मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से साँस भरी। उन सबने बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। पर बालक बच गया।उसके बचने की आशा है क्योंकि वह ‘लड्डू’ की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखाने वाली खड़खड़ाहट नहीं। |
(1) ‘बच्चे के मुख पर रंग बदल रहे थे।’ इस पंक्ति के आधार पर आकलन करने से ज्ञात होता है कि बच्चे में उठ रहे भाव ______ के हैं। (1)
(क) सहृदयता
(ख) घबराहट
(ग) अंतरद्वंद्व
(घ) रोमांचकता
(2) गद्यांश के आधार पर कौन-सा वाक्य सही है? (1)
(क) काठ की अलमारी सदैव सिर दुखाती है।
(ख) शिक्षा प्रणाली पर व्यंग्य किया गया है।
(ग) बच्चों को पढ़ाना अत्यंत सहज कार्य है।
(घ) वृक्ष के हरे पतों का संगीत मधुर होता है।
(3) बालक द्वारा धीरे से लड्डू कहना दर्शाता है कि - (1)
(क) छोटी वस्तु भी पुरस्कार है।
(ख) कृत्रिमता का लबादा उतर गया।
(ग) कृत्रिमता का स्थायित्व संभव है।
(घ) लेखक का उद्देश्य पूरा हो गया।
(4) ‘अब मैंने सुख की साँस भरी’ के माध्यम से कह सकते हैं कि वह - (1)
(क) अत्यंत जागरूक नागरिक हैं।
(ख) बाल मनोविज्ञान से परिचित हैं।
(ग) स्तरानुसार शिक्षा के पक्षधर हैं।
(घ) अपने सुख की कामना करते हैं।
(5) गद्यांश हमें संदेश देता है कि - (1)
(क) स्वाभाविक विकास हेतु सहज एवं आनंदपूर्ण वातावरण होना चाहिए।
(ख) रटंत प्रणाली के कारण बच्चे की हृदय व्यथा चिंताजनक हो जाती है।(ग) बालक में निडरता थी तभी अपनी लड्डू की इच्छा को प्रकट कर पाया है।
(घ) अभिभावक एवं अध्यापकों को बालकों का चहुँमुखी विकास करना चाहिए।
(6) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): लड़डू की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था।
कारण (R): बालक द्वारा लड्डू माँगा जाना वृक्ष के हरे पत्तों के समान इंगित करता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
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‘मैंने देखा, एक बूँद’ कविता का प्रतिपाद्य लिखिए।
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‘तोड़ो’ कविता नवसृजन की प्रेरणा है। कथन के आलोक में अपने विचार प्रकट कीजिए।
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
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लघु सुरधनु से पंख पसारे-शीतल मलय समीर सहारे। उड़ते खग जिस ओर मुँह किए-समझ नीड़ निज प्यारा। बरसाती आँखों के बादल-बनते जहाँ भरे करुणा जल। लहरें टकराती अनंत की-पाकर जहाँ किनारा। हेम कुंभ ले उषा सवेरे-भरती ढुलकाती सुख मेरे। मदिर ऊँघते रहते जब-जगकर रजनी भर तारा। |
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