English

Commerce (English Medium) Class 12 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Elective)

Advertisements
Subjects
Topics
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi (Elective)
< prev  21 to 40 of 484  next > 

पत्थर की जाति से लेखक का क्या आशय है? उसके विभिन्न प्रकारों के बारे में लिखिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

महीप अपने विषय में बात पूछे जाने पर उसे टाल क्यों देता था?

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

बूढ़े तिरलोक सिंह को पहाड़ पर चढ़ना जैसी नौकरी की बात सुनकर अजीब क्यों लगा?

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

रूप सिंह पहाड़ पर चढ़ना सीखने के बावजूद भूप सिंह के सामने बौना क्यों पड़ गया था?

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

शैला और भूप ने मिलकर किस तरह पहाड़ पर अपनी मेहनत से नयी ज़िंदगी की कहानी लिखी?

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined
सैलानी (शेखर और रूप सिंह) घोड़े पर चलते हुए उस लड़के रोज़गार के बारे में सोच रहे थे जिसने उनको घोड़े पर सवार कर रखा था और स्वयं पैदल चल रहा था। क्या आप भी बाल मज़दूरों के बारे में सोचते हैं?
[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

पहाड़ों की चढ़ाई में भूप दादा का कोई जवाब नहीं! उनके चरित्र की विशेषताएँ बताइए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

इस कहानी को पढ़कर आपके मन में पहाड़ों पर स्त्री की स्थिति की क्या छवि बनती है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

'पहाड़ों में जीवन अत्यंत कठिन होता है।' पाठ के आधार पर उक्त विषय पर एक निबंध लिखिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

पर्वतारोहण की प्रासंगिता पर प्रकाश डालिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

पर्वतारोहण पर्वतीय प्रदेशों की दिनचर्या है, वही दिनचर्या आज जीविका का माध्यम बन गई है। उसके गुण-दोष का विवेचन कीजिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए -

जनम अबधि हम रूप निहारल नयन न तिलपित भेल॥

सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल॥

[8] विद्यापति : पद
Chapter: [8] विद्यापति : पद
Concept: undefined >> undefined

"मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरियों की भीख लुटाई"‐ पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

कवि ने आशा को बावली क्यों कहा है?

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

"मैंने निज दुर्बल ..... होड़ लगाई" इन पंक्तियों में 'दुर्बल पद बल' और 'हारी होड़' में निहित व्यंजना स्पष्ट कीजिए।

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

श्रमित स्वप्न की मधुमाया ........... तान उठाई।

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
लौटा लो ...... लाज गँवाई।

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

देवसेना की हार या निराशा के क्या कारण हैं?

[1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1] जयशंकर प्रसाद : देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

सरोज के नव-वधू रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

कवि को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद क्यों आई?

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
< prev  21 to 40 of 484  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×