English

English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

Advertisements
Subjects
Topics
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi Course - A
< prev  321 to 340 of 623  next > 

भाव स्पष्ट कीजिए -

प्रभुता का शरण-बिंब केवल मृगतृष्णा है,

हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है।

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

'छाया' शब्द यहाँ किस संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है? कवि ने उसे छूने के लिए मना क्यों किया है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

'मृगतृष्णा' किसे कहते हैं, कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

‘जीवन में हैं सुरंग सुधियाँ सुहावनी’, से कवि का अभिप्राय जीवन की मधुर स्मृतियों से है। आपने अपने जीवन की कौन-कौन सी स्मृतियाँ संजो रखी हैं?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

‘क्या हुआ जो खिला फूल रस-बसंत जाने पर?’ कवि का मानना है कि समय बीत जाने पर भी उपलब्धि मनुष्य को आनंद देती है। क्या आप ऐसा मानते हैं? तर्क सहित लिखिए।

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

कवि ‘छाया’ छूने से क्यों मना करता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

कवि के जीवन की कौन-सी यादें उसे दुखी कर रही हैं?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

‘भूली-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण’ से कवि का क्या आशय है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

‘जितना ही दौड़ा तू उतना ही भरमाया’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

‘हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है’ पंक्ति में कवि हमें किस यथार्थ एवं सत्य से अवगत कराना चाहता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

कविता में यथार्थ स्वीकारने की बात क्यों कही गई है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Concept: undefined >> undefined

आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined

'आग रोटियाँ सेंकने के लिए है।

जलने के लिए नहीं'

(क) इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है?

(ख) माँ ने बेटी को सचेत करना क्यों ज़रूरी समझा?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined

'पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की

कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की'

इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है उसे शब्दबद्ध कीजिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined

माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined
< prev  321 to 340 of 623  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×