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Science (English Medium) Class 12 - CBSE Important Questions

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निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

व्यक्ति पर प्रशंसा का क्या प्रभाव पड़ता है? 'बात सीधी थी पर' कविता के आधार पर बताइए।

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Chapter: [1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
Concept: बात सीधी थी पर

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

कैमरे में बंद अपाहिज कविता के आधार पर स्पष्ट करें कि दूरदर्शन वाले कैमरे के सामने कमज़ोर को ही क्यों लाते हैं?

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Chapter: [1.04] रघुवीर सहाय : कैमरे में बंद अपाहिज
Concept: कैमरे में बंद अपाहिज

शमशेर की कविता ‘उषा’ गाँव के जीवन का जीवांत चित्रण है। पुष्टि कीजिए।

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Chapter: [1.06] शमशेर बहादुर सिंह : उषा
Concept: उषा

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए।

प्रात नभ था बहुत नीला शंख जैसे

भोर का नभ

राख से लीपा हुआ चौका
(अभी गीला पड़ा है)

बहुत काली सिल ज़रा से लाल केसर से
कि जैसे धुल गई हो

स्लेट पर या लाल खड़िया चाक
मल दी हो किसी ने

नील जल में या किसी की
गौर झिलमिल देह
जैसे हिल रही हो।

और...

जादू टूटता है इस उषा का अब
सूर्योदय हो रहा है।

(i) नील जल में किसी की गौर, झिलमिल देह जैसे हिल रही हो में कौन-सा भाव है? (1)

(क) तरलता का
(ख) निर्मलता का
(ग) उज्ज्वलता का
(घ) सहजता का

(ii) नीले नभ में उदय होता हुआ सूर्य किसके जैसा प्रतीत हो रहा है? (1)

(क) शंख जैसा
(ख) गौरवर्णीय सुंदरी जैसा
(ग) सिंदूर जैसा
(घ) नीले जल जैसा

(iii) इस काव्यांश में कवि ने उषा का कौन-सा चित्र उपस्थित किया है? (1)

(क) छायाचित्र
(ख) रेखाचित्र
(ग) शब्दचित्र
(घ) भित्तिचित्र

(iv) अलंकार की दृष्टि से कौन-सा विकल्प सही है? (1)

(क) बहुत नीला शंख जैसे उपमा अलंकार
(ख) जादू टूटता है इस उषा का अब उत्प्रेक्षा अलंकार
(ग) सूर्योदय हो रहा है रूपक अलंकार
(घ) गौर झिलमिल देह जैसे हिल रही हो अन्योक्ति अलंकार

(v) कवि द्वारा भोर को राख का लीपा हुआ चौंका कहना प्रतिपादित करता है कि भोर का नभ - (1)

(क) अपनी आभा से चमत्कृत कर रहा है।
(ख) रात के समान गर्म हवा फैला रहा है।
(ग) सफ़ेद व नीले वर्णों का अद्भुत मिश्रण है।
(घ) नए परिवर्तन व आयामों का प्रतीक है।

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Chapter: [1.06] शमशेर बहादुर सिंह : उषा
Concept: उषा
‘विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते’ पंक्ति में ‘विप्लव-रव’ से क्या तात्पर्य है? ‘छोटे ही हैं शोभा पाते’ ऐसा क्यों कहा गया है?
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Chapter: [1.07] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : बादल राग
Concept: बादल राग

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘बादल राग’ कविता के आधार पर भाव स्पष्ट कीजिए - "विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।"

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Chapter: [1.07] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : बादल राग
Concept: बादल राग

‘कवितावली’ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि तुलसीदास को अपने समय की आर्थिक-सामाजिक समस्याओं की समझ थी।

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Chapter: [1.08] गोस्वामी तुलसीदास : कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
Concept: कवितावली (उत्तर कांड से)

फ़िराक की गज़ल में अपना परदा खोलने से क्या आशय है?

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Chapter: [1.09] फ़िराक गोरखपुरी : रुबाइयाँ, गज़ल
Concept: गज़ल

‘रस का अक्षयपात्र’ से कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की और इंगित किया है?

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Chapter: [1.1] उमाशंकर जोशी : छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख
Concept: छोटा मेरा खेत

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘छोटा मेरा खेत’ कविता में अंधड़ और बीज से कवि का क्या तात्पर्य है?

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Chapter: [1.1] उमाशंकर जोशी : छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख
Concept: छोटा मेरा खेत

भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गईं?

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Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: भक्तिन
बाज़ार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता; वह देखता है सिर्फ़ उसकी क्रय शक्ति को। इस रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत हैं?
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Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

         मैंने मन में कहा, ठीक। बाज़ार आमंत्रित करता है कि आओ मुझे लूटो और लूटो। सब भूल जाओ, मुझे देखो। मेरा रूप और किसके लिए है? मैं तुम्हारे लिए हूँ। नहीं कुछ चाहते हो, तो भी देखने में क्या हरज़ है। अजी आओ भी। इस आमंत्रण में यह खूबी है कि आग्रह नहीं है आग्रह तिरस्कार जगाता है। लेकिन ऊँचे बाज़ार का आमंत्रण मूक होता है और उससे चाह जगती है। चाह मतलब अभाव। चौक बाज़ार में खड़े होकर आदमी को लगने लगता है कि उसके अपने पास काफ़ी नहीं है और चाहिए, और चाहिए। मेरे यहाँ कितना परिमित है और यहाँ कितना अतुलित है ओह!

         कोई अपने को न जाने तो बाज़ार का यह चौक उसे कामना से विकल बना छोड़े। विकल क्यों, पागल। असंतोष, तृष्णा और ईर्ष्या से घायल कर मनुष्य को सदा के लिए यह बेकार बना डाल सकता है।

  1. गद्यांश में प्रयुक्त 'अतुलित' शब्द का समानार्थी शब्द हो सकता है?  1
    1. अरिहंत
    2. अथाह
    3. अभाव
    4. अक्षय
  2. गद्यांश का केंद्रीय भाव है?   1 
    1. बाज़ार के प्रकार बताना
    2. बाज़ार न जाने की सलाह
    3. मनुष्य की तृष्णा को इंगित करना
    4. मनुष्य पर बाज़ार के जादू का असर
  3. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए।  1
    1. जब मनुष्य बैचैन हो जाता है तब वह बाज़ार की ओर उन्मुख हो जाता है।
    2. जब मनुष्य तुलना करने लगता है तब असंतोष, तृष्णा और ईर्ष्या के भाव मनुष्य में उभरते हैं।
    3. जब मनुष्य को बाज़ार आमंत्रित करता है तब मनुष्य की व्याकुलता इसका कारण होती है।
    4. जब मनुष्य बाज़ार का तिरस्कार करता है तब वह इसका सही लाभ ले पाता है।
  4. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।  1

    कॉलम 1 कॉलम 2
    1 आग्रह का तिरस्कार जागता (i) मौन रहकर कार्य करना
    2 बड़े बाज़ार का जादू (ii) अपनी तृष्णा को रोकना
    3 बाज़ार के जादू से बचने का उपाय (iii) इच्छा पूर्ण ना होना
    1. 1-(iii), 2-(i), 3-(ii)
    2. 1-(i), 2-(iii), 3-(ii)
    3. 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
    4. 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
  5. बाज़ार का आमंत्रण कि, 'आओ मुझे लूटो' से क्या आशय है?  1

    1. बाज़ार लुट जाना चाहता है।
    2. बाज़ार के पास वस्तुएँ बहुत ज्यादा हैं।
    3. बाज़ार केवल खुद का रूप दिखाना चाहता है।
    4. बाज़ार आकर्षित करना चाह रहा है।
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Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

जिन्हें अपनी ज़रूरत का पता नहीं होता, वे लोग बाज़ार का बाज़ारूपन कैसे बढ़ाते हैं?

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Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन
लोगों ने लड़कों की टोली को मेंढक-मंडली नाम किस आधार पर दिया? यह टोली अपने आप को इंद्रसेना कहकर क्यों बुलाती थी?
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Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंके जाने को किस तरह सही ठहराया?

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Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर पानी और बारिश के अभाव में गाँव की दशा का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

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Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?

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Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?

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Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

‘ढोल में तो जैसे पहलवान की जान बसी थी।’ ‘पहलवान की ढोलक पाठ के आधार पर तर्क सहित पंक्ति को सिद्ध कीजिए।

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Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक
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