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Science (English Medium) Class 12 - CBSE Important Questions

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कथन (A) - जीवन के मर्म का ज्ञान ही दुखों से मुक्ति है।

कारण (R) - सूरदास विजय गर्व की तरंग में राख के ढेर को दोनों हाथों से उड़ाने लगा।

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Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Concept: सूरदास की झोंपड़ी

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

रेडियो समाचार लेखन की भाषा पर प्रकाश डालिए।

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Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Concept: विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

"सच्चे खिलाड़ी कभी रोते नहीं, बाजी पर बाजी हारते हैं, चोट पर चोट खाते हैं, धक्के सहते हैं पर मैदान में डटे रहते हैं।" परीक्षा के समय को आधार मानकर 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ क्या संदेश देता है?

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Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Concept: सूरदास की झोंपड़ी

सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?

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Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : गीत गाने दो मुझे, सरोज स्मृति
Concept: सरोज स्मृति

लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तुलना बत्तख से की है?

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी

समाचार लेखन की रचना प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

फ़ीचर कैसे लिखा जाता है ?

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

समाचार और फ़ीचर में मुख्य अंतर क्या होता है ?

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

समाचार लेखन के छ: ककार कौन-से हैं ?

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

माना जाता है कि पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस संदर्भ में अपने विचार तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत कीजिए। 

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

पत्रकारीय लेखन का सबसे जाना पहचाना रूप समाचार लेखन है। समाचार को कैसे लिखा जाता है?

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

स्तंभ लेखन क्या है? स्पष्ट कीजिए।

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तलुना बत्तख से की है?

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी
शरद में ही हरसिंगार फूलता है। पितर-पक्ख (पितृपक्ष) में मालिन दाई घर के दरवाजे पर हरसिंगार की राशि रख जाती थीं, तो खड़ी बोली हुई। गाँव की बोली में 'कुरइ जात रहीं।' बहुत ढेर सारे फूल मानो इकट्ठे ही अनायास उनसे गिर पड़ते थे। 'कुरइ देना' है तो सकर्मक लेकिन सहजता अकर्मक की है।

उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी आत्मकथा का वर्णन कर रही हैं और इस कथा के केंद्र में क्या है?

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी

राजप्पा नायडू ने एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के दफ़्तर में अपना आवेदन दिया। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात उन्हें अलग डेस्क पर काम करने के लिए कहा गया। यह दर्शाता है कि वह हैं - 

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

दिए गए कथनों में से अंशकालिक पत्रकार के लिए सही कथन का चयन कीजिए -

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Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए - 

भर जलद धरा को ज्यों अपार;
वे ही सुख-दुख में रहे न्यस्त,
तेरे हित सदा समस्त व्यस्त;
वह लता वहीं की, जहाँ कली
तू खिली, स्नेह से हिली, पली,
अंत भी उसी गोद में शरण
ली, मूँदे दृग वर महामरण!

मुझ भाग्यहीन की तू संबल
युग वर्ष बाद जब हुई विकल,
दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!
हो इसी कर्म पर वज्रपात 
यदि धर्म, रहे नत सदा माथ।

(1) ‘भर जलद धरा को ज्यों अपार’ पंक्ति द्वारा प्रतिपादित किया गया है - (1)

(क) वैमनस्य
(ख) अनुभव
(ग) स्नेह
(घ) प्रकाश

(2) कवि स्वयं को भाग्यहीन कहकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं? (1)

(क) मनचाही प्रसिद्धि न मिलना
(ख) सरोज की आर्थिक दशा
(ग) सरोज ही एकमात्र सहारा
(घ) पारिवारिक सदस्यों से बिछोह

(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)

  1. कवि सरोज को शकुंतला के समान मानते थे।
  2. पुत्री सरोज की मृत्यु असमय हो गई थी।
  3. सरोज की मृत्यु अपनी ससुराल में हुई थी।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

(क) केवल (i)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) केवल (ii)
(घ) (ii) और (iii)

(4) ‘हो इसी कर्म पर वज्रपात’ के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि वह - (1)

(क) कष्टदायक जीवन के बाद धार्मिक बन रहे हैं।
(ख) मस्तक पर वज्रपात सहने का साहस कर रहे हैं।
(ग) समस्त जीवन दुख में ही व्यतीत करते रहे हैं।
(घ) प्रतिकूलताओं के आगे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

(5) दुख ही जीवन की कथा रही के माध्यम से प्रकट हो रही है - (1)

(क) शैशवावस्था
(ख) वृदूधावस्था
(ग) वियोगावस्था
(घ) विश्लेषणावस्था

(6) ‘क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’
पंक्ति के माध्यम से कवि की स्वाभाविक विशेषता बताने के लिए सूक्ति कहीं जा सकती है - (1)

(क) पर उपदेश कुशल बहुतेरे
(ख) बिथा मन ही राखो गोय
(ग) मुझसे बुरा न कोय
(घ) मन के हारे हार है

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Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : गीत गाने दो मुझे, सरोज स्मृति
Concept: सरोज स्मृति

बिस्कोहर की माटी पाठ के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -

  1. पाठ में मनुष्य के संबंधों की मार्मिक पड़ताल निहित है।
  2. जीवन की स्थितियाँ ऋतुओं के साथ बदलती हैं।
  3. प्रकृति के प्रकोप को ग्रामीण जीवन झेलता है।
  4. ग्रामीण जीवन में प्रकृति के प्रति अलगाव है।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए -

  1. भरभंडा : फूल
  2. डोंडहा : साँप
  3. कोइयाँ : जलपुष्प
  4. धामिन : अनाज

इन युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी

‘कोई भी तालाब अकेला नहीं है।’ यह कथन दर्शाता है -

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Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: बिस्कोहर की माटी
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