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Question
माना जाता है कि पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस संदर्भ में अपने विचार तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत कीजिए।
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Solution
ऐसा माना जाता है कि पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है परंतु वास्तव में ऐसा नहीं है। पत्रकारिता और साहित्य लेखन में अंतर है। पत्रकारीय लेखन अनिवार्य रूप से तात्कालिकता और अपने पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखकर लिखा जाने वाला लेखन है। इसके विपरीत साहित्यिक रचनात्मक लेखन में लेखक को काफ़ी छूट होती है। कविता, कहानी, उपन्यास साहित्यिक लेखन है।पत्रकारीय लेखन में अलंकारिक-संस्कृतनिष्ठ भाषा-शैली के बजाय आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया जाता है। पत्रकारीय लेखन की भाषा सरल, सहज और रोचक होती है।
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