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Accountancy (लेखाशास्त्र) 67/1/1 2025-2026 Commerce (Hindi Medium) Class 12 [कक्षा १२] Question Paper Solution

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Accountancy (लेखाशास्त्र) [67/1/1]
Marks: 80 CBSE
Commerce (Hindi Medium)
Arts (Hindi Medium)

Academic Year: 2025-2026
Date & Time: 24th February 2026, 10:30 am
Duration: 3h
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सामान्य निर्देश:

निम्नलिखित निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उनका पालन कीजिए :

  1. इस प्रश्न-पत्र में 34 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. यह प्रश्न-पत्र दो भागों में विभाजित है : भाग - क तथा भाग - ख।
  3. भाग - क सभी परीक्षार्थियों के लिए अनिवार्य है।
  4. भाग - ख के दो विकल्प हैं। परीक्षार्थियों को केवल एक ही विकल्प के प्रश्नों के उत्तर लिखने हैं।
    विकल्प - I: वित्तीय विवरणों का विश्लेषण
    विकल्प - II: अभिकलित्र लेखांकन
  5. प्रश्न संख्या 1 से 16 (भाग-क) तथा प्रश्न संख्या 27 से 30 (भाग-ख) बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
  6. प्रश्न संख्या 17 से 20 (भाग-क) तथा प्रश्न संख्या 31 और 32 (भाग-ख) लघु-उत्तरीय प्रकार के प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का है।
  7. प्रश्न संख्या 21, 22 (भाग-क) तथा प्रश्न संख्या 33 (भाग-ख) दीर्घ-उत्तरीय प्रकार-I के प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 4 अंकों का है।
  8. प्रश्न संख्या 23 से 26 (भाग-क) तथा प्रश्न संख्या 34 (भाग-ख) दीर्घ-उत्तरीय प्रकार-II के प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 6 अंकों का है।
  9. प्रश्न-पत्र में समग्र विकल्प नहीं दिया गया है। यद्यपि प्रत्येक भाग के कुछ प्रश्नों में आंतरिक विकल्प का चयन दिया गया है।

भाग – क
(साझेदारी फ़र्मों तथा कम्पनियों के लिए लेखांकन)
[1]1.

मेहुल तथा बरखा की पुस्तकें दर्शा रही हैं कि 31 मार्च, 2025 को उनकी विनियोजित पूँजी ₹ 6,00,000 थी। यदि सामान्य लाभ ₹ 60,000 तथा अधिलाभ ₹ 20,000 हैं, तो प्रतिफल की सामान्य दर ______ है। 

6%

15%

30%

10%

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Chapter:
[1]2. | यहाँ दो कथन हैं, अभिकथन (A) तथा कारण (R):

अभिकथन (A): साझेदारी समझौता साझेदारों के बीच संबंधों का आधार बन जाता है।

कारण (R): साझेदारी दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच व्यवसाय करने तथा इसके लाभ-हानि विभाजित करने के समझौते का परिणाम है।

निम्न में से सही विकल्प का चयन कीजिए:

अभिकथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

अभिकथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।

अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।

अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।

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Chapter:
[1]3. (a)

यदि ₹ 10 प्रत्येक के 600 अंशों का हरण कर लिया गया है जिन्हें ₹ 1 प्रति अंश प्रीमियम पर निर्गमित किया गया है तथा जिस पर ₹ 8 प्रति अंश (प्रीमियम सहित) माँगे गए हैं तथा ₹ 6 प्रति अंश (प्रीमियम सहित) का भुगतान किया गया है, तो ‘अंश हरण खाते’ को ______ किया जाएगा ______ से।

क्रेडिट, ₹ 3,000

डेबिट, ₹ 3,000

डेबिट, ₹ 3,600

क्रेडिट, ₹ 3,600

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Chapter:
अथवा
[1]3. (b)

टी.डी. लिमिटेड ने ₹ 10,00,000 के 9% ऋणपत्रों का निर्गमन 10% बट्टे पर किया, जिनका शोधन प्रीमियम की एक निश्चित दर पर किया जाना था। इन 9% ऋणपत्रों के निर्गमन पर ऋणपत्र शोधन प्रीमियम खाते को ₹ 1,00,000 से क्रेडिट किया गया। ऋणपत्रों के निर्गमन पर ‘ऋणपत्र निर्गमन हानि’ की राशि ______ थी।

₹ 1,00,000

₹ 2,00,000

₹ 3,00,000

शून्य

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Chapter:
[1]4. (a)

तरुण तथा तेज एक फर्म के साझेदार थे तथा 3 : 2 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 1 अप्रैल 2024 को तेज ने फर्म को ₹ 50,000 का ऋण दिया। ऋण पर ब्याज लगाने से पूर्व फर्म का शुद्ध लाभ ₹ 3,75,000 था। फर्म अपनी पुस्तकें प्रतिवर्ष 31 मार्च को बन्द करती है। लाभ-हानि खाते से लाभ-हानि विनियोजन खाते में हस्तांतरित की गयी लाभ की राशि ______ होगी।

₹ 3,75,000

₹ 3,72,000

₹ 4,25,000

₹ 3,78,000

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Chapter:
अथवा
[1]4. (b)

अशोक तथा वासु एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। 31 मार्च, 2025 को उनकी पूँजी क्रमशः ₹ 3,00,000 तथा ₹ 3,75,000 थी। 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष में वासु ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए ₹ 40,000 का आहरण किया तथा ₹ 1,50,000 की अतिरिक्त पूँजी व्यवसाय में लगाई। 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए फर्म का लाभ ₹ 1,40,000 था। वर्ष के आरम्भ में वासु की पूँजी ______ थी।

₹ 2,75,000

₹ 4,25,000

₹ 2,05,000

₹ 3,45,000

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Chapter:
[1]5.

सोनी तथा कुश एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 5 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। हितेश को फर्म के लाभों में 1/5 भाग के लिए एक नए साझेदार के रूप में फर्म में प्रवेश दिया गया। सामान्य संचय, ख्याति तथा परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन एवं देयताओं के पुनर्निर्धारण पर लाभ सम्बन्धी सभी समायोजनों को करने के पश्चात् सोनी तथा कुश के पूँजी खातों के शेष क्रमशः ₹ 7,00,000 तथा ₹ 13,00,000 थे। हितेश फर्म के लाभों में अपने 1/5 भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लाया। हितेश द्वारा लाई गई आनुपातिक पूँजी की राशि ______ थी।

₹ 25,00,000

₹ 20,00,000

₹ 5,00,000

₹ 10,00,000

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Chapter:
[1]6. (a)

निम्न में से कौन सा संपार्श्विक प्रतिभूति के विषय में सही नहीं है?

यह एक प्राथमिक प्रतिभूति होती है।

यह एक अतिरिक्त प्रतिभूति होती है।

यह एक सहायक प्रतिभूति होती है।

यह एक द्वितीयक प्रतिभूति होती है।

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Chapter:
अथवा
[1]6. (b)

एक कम्पनी का गठन कम्पनी कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है, यह निम्न में से कम्पनी की कौन सी विशेषता की ओर संकेत करता है?

सामान्य मुहर

सतत उत्तराधिकार

निगमित इकाई

सीमित देयता

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Chapter:
[1]7. (a)

चंदन, रवि तथा महेश एक फर्म के साझेदार थे तथा 5 : 4 : 1 अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 1 अप्रैल, 2025 से उन्होंने भावी लाभों को 3 : 2 : 1 के अनुपात में बाँटने का निर्णय लिया। उस तिथि को फर्म की पुस्तकों में ₹ 7,00,000 का सामान्य संचय विद्यमान था, जिसे उन्होंने आपस में बाँटने का निर्णय लिया। साझेदारों के बीच सामान्य संचय किस अनुपात में बाँटा जायेगा?

नये लाभ विभाजन अनुपात में

पुराने लाभ विभाजन अनुपात में

त्याग/अधिलाभ अनुपात में

बराबर–बराबर

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Chapter:
अथवा
[1]7. (b)

सुमन तथा तान्या एक फर्म के साझेदार थे तथा 2 : 1 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। 1 अप्रैल, 2025 से उन्होंने लाभों को बराबर-बराबर बाँटने का निर्णय लिया। उस तिथि को फर्म की पुस्तकों में फर्नीचर ₹ 4,50,000 पर दिखाया गया था। लाभ-विभाजन अनुपात में परिवर्तन के समय इसका मूल्य 10% कम पाया गया। नए स्थिति विवरण में फर्नीचर को ______ दिखाया जाएगा।

₹ 4,05,000 से

₹ 4,50,000 से

₹ 4,95,000 से

₹ 5,00,000 से

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Chapter:
[1]8.

तुला, राम तथा माधवी एक फर्म के साझेदार थे। साझेदारी संलेख में साझेदारों के आहरण पर 12% प्रतिवर्ष ब्याज का प्रावधान था। फर्म प्रतिवर्ष अपने खाते 31 मार्च को बन्द करती है। 31 दिसम्बर, 2025 से शुरू करके माधवी ने प्रत्येक माह के अन्त में ₹ 40,000 का आहरण अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए किया। माधवी के आहरण पर ब्याज ______ होगा।

₹ 19,200

₹ 4,800

₹ 2,400

₹ 1,600

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Chapter:
[1]9. (a)

धरम, करम तथा रमन एक फर्म के साझेदार थे तथा 7 : 8 : 5 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 31 मार्च, 2025 को रमन फर्म से सेवानिवृत्त हो गया। धरम तथा करम ने भावी लाभों को 11 : 9 के अनुपात में बाँटने का निर्णय लिया। उनका अधिलाभ अनुपात ______ होगा।

1 : 1

1 : 2

4 : 1

2 : 1

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Chapter:
अथवा
[1]9. (b)

दीन, राजू तथा हरि एक फर्म के साझेदार थे तथा 7 : 6 : 7 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 31 मार्च, 2025 को राजू का देहान्त हो गया। दीन तथा हरि ने राजू के भाग को बराबर-बराबर लेने का निर्णय लिया। दीन तथा हरि के बीच नया लाभ-विभाजन अनुपात ______ होगा।

1 : 1

7 : 6

6 : 7

3 : 2

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Chapter:
[1]10.

निधि एवं कुणाल एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 1 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। उनकी पूँजी क्रमशः ₹ 3,00,000 तथा ₹ 2,00,000 थी। वे 6% वार्षिक दर से पूँजी पर ब्याज के अधिकारी थे। वर्ष के दौरान फर्म ने ₹ 15,000 का लाभ अर्जित किया।

साजेदारों की पूँजी पर ब्याज होगा:

निधि ₹ 18,000; कुणाल ₹ 12,000

निधि ₹ 7,500; कुणाल ₹ 7,500

निधि ₹ 9,000; कुणाल ₹ 6,000

निधि ₹ 12,000; कुणाल ₹ 3,000

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Chapter:
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[1]11.

1 अप्रैल, 2024 को दीना लिमिटेड ने ₹ 100 प्रत्येक के 8,00, 9% ऋणपत्रों का 6% बट्टे पर निर्गमन किया। 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए ऋणपत्रों पर देय ब्याज की कुल राशि ______ होगी।

₹ 48,000

₹ 72,000

₹ 1,20,000

₹ 80,000

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Chapter:
[1]12.

साक्षी लिमिटेड ने ₹ 10 प्रत्येक के 500 समता अंशों का, जिन्हें ₹ 2 प्रति अंश के प्रीमियम पर निर्गमित किया गया था, ₹ 4 प्रति अंश (प्रीमियम सहित) की दूसरी एवं अंतिम याचना का भुगतान न करने पर, हरण कर लिया। इन अंशों को अधिकतम कितनी छूट राशि पर पुनः निर्गमित किया जा सकता है?

₹ 1 प्रति अंश

₹ 6 प्रति अंश

₹ 8 प्रति अंश

₹ 5 प्रति अंश

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Chapter:
[1]13.

सूर्या लिमिटेड ने ₹ 10 प्रत्येक के 50,000 समता अंशों का निर्गमन किया। राशि निम्न प्रकार से देय थी:

आवेदन पर – ₹ 3 प्रति अंश

आबंटन पर – ₹ 2 प्रति अंश

प्रथम एवं अंतिम याचना पर – शेष

ऊषा ने, जिसे 700 अंश आबंटित किए गए थे, सम्पूर्ण अंश राशि का भुगतान आबंटन पर ही कर दिया। राज ने, जिसे 300 अंश आबंटित किए गए थे, प्रथम एवं अंतिम याचना का भुगतान नहीं किया। प्रथम एवं अंतिम याचना के लिए बैंक खाते में डेबिट की जाने वाली राशि उसके देय होने के बाद होगी:

₹ 2,50,000

₹ 2,48,500

₹ 2,45,000

₹ 2,52,000
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Chapter:
[1]14.

सिद्धि, ज्ञान तथा गायत्री एक फर्म के साझेदार थे तथा 3 : 2 : 2 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 31 मार्च, 2025 को उनकी फर्म का विघटन हो गया। विघटन के समय ₹ 25,000 के एक देनदार ने, जिसका ऋण पूर्व में डूबत ऋण के रूप में अपलिखित कर दिया गया था, राशि के 40% का भुगतान कर दिया। उपरोक्त लेनदेन के लिए लेखांकन होगा:

₹ 10,000 डूबत ऋण वसूली खाते में क्रेडिट किये जायेंगे।

₹ 10,000 देनदार के व्यक्तिगत खाते में क्रेडिट किये जायेंगे।

₹ 10,000 वसूली खाते में क्रेडिट किये जायेंगे।

₹ 10,000 डूबत ऋण खाते में क्रेडिट किए जायेंगे।

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Chapter:
[1]15.

चमन तथा वाटिका एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 5 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। उन्होंने फर्म के लाभों में 1/5 भाग के लिए मोहन को एक नये साझेदार के रूप में प्रवेश दिया। मोहन ने अपना भाग चमन तथा वाटिका से बराबर-बराबर अधिगृहीत किया। चमन, वाटिका तथा मोहन का नया लाभ विभाजन अनुपात ______ होगा।

2 : 2 : 1

31 : 41 : 18

41 : 31 : 18

7 : 8 : 5

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Chapter:
[1]16.
ललिता, शिवानी तथा माधुरी एक फर्म की साझेदार थी तथा 3 : 2 : 1 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटती थी। 31 मार्च, 2025 को माधुरी फर्म से सेवानिवृत्त हो गयी। सेवानिवृत्ति की तिथि को उसके पूँजी खाते में ₹ 1,80,000 का शेष था। ललिता तथा शिवानी उसके दावे के पूर्ण निपटान में उसे ₹ 2,25,000 का भुगतान करने के लिए सहमत हो गईं। माधुरी की सेवानिवृत्ति पर फर्म की ख्याति ______ थी।

₹ 1,80,000

₹ 2,25,000

₹ 45,000

₹ 2,70,000

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Chapter:
[3]17.

पिछले कुछ वर्षों में एक फर्म के औसत लाभ ₹ 8,00,000 हैं। इसी प्रकार के व्यवसाय में विनियोजित पूँजी पर प्रतिफल की सामान्य दर 10% है। व्यवसाय की परिसम्पत्तियाँ ₹ 60,00,000 तथा बाह्य देयताएँ ₹ 20,00,000 थीं।

फर्म की ख्याति की गणना कीजिए:

  1. अधिलाभों के पूँजीकरण विधि द्वारा
  2. अधिलाभ विधि द्वारा यदि ख्याति का मूल्यांकन अधिलाभों के चार वर्षों के क्रय के आधार पर किया जाए।
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Chapter:
[3]18. (a)

सुल्तान, सिंह तथा तुलसी एक फर्म के साझेदार थे तथा 9 : 7 : 4 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। उनकी स्थायी पूँजी क्रमशः ₹ 6,00,000; ₹ 5,00,000 तथा ₹ 4,00,000 थी। साझेदारी संलेख में पूँजी पर 10% वार्षिक ब्याज देने का प्रावधान था। वर्ष के अंतिम खाते तैयार करने के पश्चात् यह पाया गया कि पूँजी पर 12% वार्षिक दर से ब्याज लगाया गया है।

आवश्यक समायोजन रोज़नामचा प्रविष्टि कीजिए।
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Chapter:
अथवा
[3]18. (b)
समीर तथा मनवीर एक फर्म के साझेदार थे तथा 5 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 1 अप्रैल, 2024 को उन्होंने लाभों में 1/5 भाग के लिए संदीप को ₹ 80,000 की न्यूनतम गारंटी राशि के साथ एक नए साझेदार के रूप में प्रवेश दिया। समीर तथा मनवीर ने पहले की तरह ही लाभों को बाँटना जारी रखा परन्तु संदीप को दी गयी गारंटी के कारण हुई किसी भी कमी को 3 : 5 के अनुपात में वहन करने पर सहमति हुई। 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए फर्म का शुद्ध लाभ ₹ 3,20,000 था।
31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए समीर, मनवीर तथा संदीप का लाभ-हानि विनियोजन खाता तैयार कीजिए।
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Chapter:
[3]19. (a)

रौनक कॉटन लिमिटेड ने हैवी मशीन्स लिमिटेड से ₹ 6,80,000 की मशीनरी क्रय की। हैवी मशीन्स लिमिटेड को ₹ 50 प्रत्येक के 10,500 समता अंशों को 20% प्रीमियम पर निर्गमित करके तथा शेष का एक चैक द्वारा भुगतान किया गया।

रौनक कॉटन लिमिटेड की पुस्तकों में उपरोक्त लेन-देन के लिए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।

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Chapter:
अथवा
[3]19. (b)

नीयो लिमिटेड ने मदुरा लिमिटेड से ₹ 25,00,000 की परिसम्पत्तियों तथा ₹ 12,00,000 की देयताओं का अधिग्रहण ₹ 18,00,000 के क्रय प्रतिफल के बदले किया। नीयो लिमिटेड ने क्रय प्रतिफल के सम्पूर्ण भुगतान में ₹ 100 प्रत्येक के 11% ऋणपत्रों को 10% बट्टे पर निर्गमित किया।

नीयो लिमिटेड की पुस्तकों में उपरोक्त लेनदेनों के लिए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।

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Chapter:
[3]20.

श्री तथा हरि एक फर्म के साझेदार थे तथा 2 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। उनकी स्थायी पूँजी क्रमशः ₹ 4,00,000 तथा ₹ 3,00,000 थी। साझेदारी संलेख में हरि को शुद्ध लाभ पर 5% कमीशन देने का प्रावधान था। 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष का फर्म का शुद्ध लाभ ₹ 1,00,000 था।

फर्म की पुस्तकों में निम्नलिखित रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए:

  1. हरि के चालू खाते में हरि का कमीशन क्रेडिट करने के लिए।
  2. कमीशन को लाभ-हानि विनियोजन खाते में हस्तांतरित करने के लिए।
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Chapter:
[3]21.

1 अप्रैल, 2024 को भूमिका लिमिटेड ने ₹ 500 प्रत्येक के 500, 9% ऋणपत्रों का निर्गमन 10% बट्टे पर किया, प्रति शोधन पाँच वर्ष पश्चात् 6% प्रीमियम पर करना था। 31 मार्च, 2025 को कंपनी के सिक्योरिटी प्रीमियम खाते में ₹ 30,000 का शेष था।

9% ऋणपत्रों के निर्गमन तथा ऋणपत्र निर्गमन हानि को लागू करने के लिए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए। ‘ऋणपत्र निर्गमन हानि-खाता’ भी तैयार कीजिए।

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Chapter:
[3]22.

किरन, रवीना तथा हिना एक फर्म के साझेदार थे तथा 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। फर्म प्रतिवर्ष अपनी पुस्तकें 31 मार्च को बन्द करती है। साझेदारी संलेख की शर्तों के अनुसार, किसी भी साझेदार की मृत्यु पर फर्म की ख्याति की गणना पिछले तीन वर्षों के औसत लाभ के चार गुना के आधार पर की जाएगी। 1 जुलाई 2025 को हिना की मृत्यु हो गयी। पिछले तीन वर्षों के लाभ थे:

2022-23: ₹ 4,75,000

2023-24: ₹ 4,05,000

2024-25: ₹ 3,20,000

मृत्यु की तिथि तक लाभ में हिना के भाग की गणना पिछले वर्ष के लाभ के आधार पर की जाएगी।

  1. फर्म की ख्याति की तथा ख्याति में हिना के भाग की गणना कीजिए।
  2. मृत्यु की तिथि तक फर्म के लाभों में हिना के भाग की गणना कीजिए।
  3. ख्याति खाता खोले बिना ख्याति के लेखांकन तथा हिना की मृत्यु के समय लाभ में उसके भाग के लिए आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
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Chapter:
[3]23.

रवनीत तथा मनमीत एक फर्म के साझेदार थे तथा 7 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटते थे। 31 मार्च, 2025 को उनका स्थिति विवरण निम्न प्रकार से था:

रवनीत तथा मनमीत का 31 मार्च, 2025 को स्थिति विवरण
देयताएँ राशि (₹) राशि (₹) परिसम्पत्तियाँ राशि (₹)
लेनदार   4,50,000 बैंक में नगद 2,50,000
पूँजी:   8,00,000 स्टॉक 2,50,000
रवनीत 5,00,000 देनदार 2,00,000
मनमीत 3,00,000 संयंत्र तथा मशीनरी 5,50,000
    12,50,000   12,50,000

उपरोक्त तिथि पर फर्म का विघटन हो गया। संयंत्र तथा मशीनरी को ₹ 4,87,000 पर तथा स्टॉक को पुस्तकीय मूल्य से 20% कम पर बेचा गया। देनदारों से ₹ 1,40,000 वसूल हुए।

रवनीत सभी वसूली व्ययों को वहन करने पर सहमत हो गया, जिसके लिए उसे ₹ 9,00,000 का कमीशन दिया गया। वास्तविक वसूली व्यय ₹ 7,500 थे

वसूली खाता तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।

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Chapter:
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[6]24. (a)

जैनरिक फार्मा लिमिटेड ने ₹ 10 प्रत्येक के 3,00,000 समता अंशों को ₹ 6 प्रति अंश प्रीमियम पर निर्गमित करने के लिए आवेदन आमन्त्रित किये । राशि का भुगतान निम्न प्रकार से देय था:

आवेदन तथा आबंटन पर – ₹ 4 प्रति अंश (₹ 2 प्रति अंश प्रीमियम सहित)

प्रथम एवं अन्तिम याचना पर – शेष

4,00,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। 40,000 अंशों के लिए आवेदनों को रद्द कर दिया गया तथा आवेदन राशि लौटा दी गई। शेष आवेदकों को आनुपातिक आधार पर अंशों का आबंटन किया गया। आवेदन पर प्राप्त अतिरिक्त राशि का समायोजन प्रथम एवं अन्तिम याचना पर देय राशि में कर लिया गया। 3,600 अंशों के एक आवेदक, जैन ने प्रथम एवं अन्तिम याचना का भुगतान नहीं किया। उसके अंशों का हरण कर लिया गया।

उपरोक्त लेनदेनों के लिए जेनरिक फार्मा लिमिटेड की पुस्तकों में आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए। जहाँ भी आवश्यक हो ‘अदत्त-याचना खाता’ तथा ‘अग्रिम-याचना खाता’ खोलिए।

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Chapter:
अथवा
[3]24. (b) (i)

निम्नलिखित स्थिति में अंशों के हरण तथा हरण किए गए अंशों के पुनःनिर्गमन की आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए:

दीक्षा लिमिटेड ने ₹ 10 प्रत्येक के 3000 अंशों का, ₹ 2 प्रति अंश की अंतिम याचना का भुगतान न करने पर, हरण कर लिया। इनमें से 600 अंशों को पूर्ण प्रदत्त, इस प्रकार पुनः निर्गमित किया गया कि ₹ 4,200 पूँजी संचय में हस्तान्तरित हो जाएँ।

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Chapter:
[3]24. (b) (ii)

निम्नलिखित स्थितियो में अंशों के हरण तथा हरण किए गए अंशों के पुनःनिर्गमन की आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए:

अशोका लिमिटेड ने ₹ 100 प्रत्येक के, 2000 समता अंशों को जो 10% प्रीमियम पर निर्गमित किए गए थे ₹ 60 प्रति अंश (प्रीमियम सहित) की आबंटन राशि का भुगतान न करने पर हरण कर लिया। ₹ 20 प्रति अंश की प्रथम एवं अन्तिम याचना अभी तक माँगी नहीं गई थी। हरण किये गये अंशों को ₹ 70 प्रति अंश पूर्ण प्रदत्त पुनः निर्गमित कर दिया गया।

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Chapter:
[6]25. (a)

संजय तथा विजय एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। 1 अप्रैल, 2025 को उन्होंने फर्म के लाभों में `2/5` भाग के लिए बाबुल को एक नए साझेदार के रूप में फर्म में प्रवेश दिया। बाबुल के प्रवेश पर निम्नलिखित पर सहमति हुई:

  1. संजय, विजय तथा बाबुल का नया लाभ विभाजन अनुपात 3 : 3 : 4 होगा।
  2. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन पिछले तीन वर्षों के औसत लाभ के चार वर्षों के क्रय के आधार पर किया जायेगा।
    पिछले तीन वर्षों के लाभ थे:
    वर्ष लाभ (₹)
    2022-23 16,500
    2023-24 17,500
    2024-25 18,500
  3. बाबुल ख्याति प्रीमियम का अपना भाग नकद लायेगा जिसके आधे का संजय तथा विजय द्वारा आहरण किया जायेगा।
  4. बाबुल के प्रवेश पर परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन तथा देयताओं के पुनर्निर्धारण के परिणामस्वरूप ₹ 70,000 की हानि हुई।
  5. बाबुल के प्रवेश पर फर्म में ₹ 28,000 का सामान्य संचय था।
  6. ख्याति, पुनर्मूल्यांकन पर हुई हानि तथा सामान्य संचय से सम्बन्धित सभी आवश्यक समायोजनों के पश्चात् संजय तथा विजय के पूँजी खाते क्रमशः ₹ 3,50,000 तथा ₹ 2,50,000 का शेष दर्शा रहे थे। बाबुल फर्म के लाभों में अपने `2/5` भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लाया।

अपने कार्य (गणनाओं) को स्पष्ट रूप से दर्शाते हुए बाबुल के प्रवेश पर उपरोक्त लेनदेनों के लिए फर्म की पुस्तकों में आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।

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Chapter:
अथवा
[6]25. (b)

अनुज, दिविज तथा शिल्पा एक फर्म में साझेदार थे तथा 2 : 1 : 2 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। 31 मार्च, 2023 को उनका स्थिति विवरण निम्न प्रकार था:

अनुज, दिविज तथा शिल्पा का 31 मार्च, 2023 को स्थिति विवरण
देयताएँ राशि (₹) राशि (₹) परिसम्पत्तियाँ राशि (₹)
पूँजी:   12,00,000 भूमि एवं भवन 8,00,000
अनुज 3,00,000 फर्नीचर 2,40,000
दिविज 4,00,000 स्टॉक 1,20,000
शिल्पा 5,00,000 देनदार 1,70,000
देय बिल   60,000 रोकड़ 50,000
लेनदार   1,20,000    
    13,80,000   13,80,000

उपरोक्त तिथि को निम्नलिखित शर्तों पर अनुज फर्म से सेवानिवृत्त हो गया:

  1. ख्याति में अनुज के भाग का मूल्य ₹ 90,000 था और इसका लेखांकन ख्याति खाता खोले बिना किया जाना था।
  2. परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन तथा देयताओं के पुनर्निर्धारण के परिणामस्वरूप ₹ 25,000 का लाभ हुआ।
  3. अनुज को देय राशि उसके ऋण खाते में स्थानान्तरित की जानी थी जिसका भुगतान 31 मार्च, 2024 से प्रारम्भ करके दो बराबर वार्षिक किस्तों में 12% वार्षिक ब्याज दर सहित किया जाएगा।

साझेदारों के पूँजी खाते तथा अनुज का ऋण खाता तैयार कीजिए जब तक उसका पूर्णरूप से भुगतान न कर दिया जाए।

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Chapter:
[6]26.

धर्मा लिमिटेड ₹ 10 प्रत्येक के 3,00,000 समता अंशों में विभाजित ₹ 30,00,000 की अधिकृत पूँजी के साथ पंजीकृत थी। राशि निम्न प्रकार से देय थी:

आवेदन पर – ₹ 2 प्रति अंश

आबंटन पर – ₹ 5 प्रति अंश

प्रथम एवं अंतिम याचना पर – शेष

कंपनी ने सार्वजनिक अभिदान के लिए 90,000 अंश प्रस्तुत किए। सभी अंश अभिदत्त हो गए और कम्पनी ने सभी देय राशि प्राप्त कर ली, केवल अदिति द्वारा धारित 4,00,000 अंशों को छोड़कर जिन पर आबंटन एवं याचना राशि नहीं मिली और रोहित द्वारा धारित 3,000 अंशों को छोड़कर जिन पर याचना राशि नहीं मिली। संचालकों ने अदिति तथा रोहित के अंशों का हरण कर लिया।

उपरोक्त सूचना के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. धर्मा लिमिटेड की प्राधिकृत पूँजी है:
    1. ₹ 30,00,000
    2. ₹ 3,00,000
    3. ₹ 9,00,000
    4. ₹ 33,00,000
  2. कम्पनी की निर्गमित पूँजी है:
    1. ₹ 3,00,000
    2. ₹ 30,00,000
    3. ₹ 9,00,000
    4. ₹ 33,00,000
  3. धर्मा लिमिटेड की अभिदत्त एवं पूर्ण प्रदत्त पूँजी होगी:
    1. ₹ 9,00,000
    2. ₹ 8,30,000
    3. ₹ 8,56,000
    4. Nil
  4. धर्मा लिमिटेड की पुस्तकों में ‘अंशधारक निधि’ के अन्तर्गत दर्शायी जाने वाली ‘अंश पूँजी’ की राशि होगी:
    1. ₹ 8,30,000
    2. ₹ 8,59,000
    3. ₹ 9,00,000
    4. ₹ 30,00,000
  5. खातों के नोट्स के अन्तर्गत ‘अंशहरण खाते’ में दर्शायी जाने वाली राशि होगी:
    1. ₹ 32,000
    2. ₹ 12,000
    3. ₹ 44,00,000
    4. ₹ 29,000
  6. धर्मा लिमिटेड की अभिदत्त एवं पूर्ण प्रदत्त पूँजी नहीं होगी:
    1. ₹ 9,00,000
    2. ₹ 8,30,000
    3. ₹ 8,56,000
    4. शून्य
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Chapter:
भाग - ख
(वित्तीय विवरणों का विश्लेषण)
[1]27. (a)

स्थिति विवरण तथा लाभ-हानि विवरण की विभिन्न मदों में उचित रूप से संबंध स्थापित करके किसी भी फर्म की शक्तियों तथा कमजोरियों को पहचानने की प्रक्रिया ______ कहलाती है।

तुलनात्मक विवरण विश्लेषण

रोकड़ प्रवाह विश्लेषण

वित्तीय विश्लेषण

समान आकार विश्लेषण

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Chapter:
अथवा
[1]27. (b)

‘वे अनुपात जिनकी गणना व्यवसाय द्वारा इसके हितधारकों को उन राशियों की भुगतान क्षमता को मापने के लिए की जाती है जब व जितने समय पर वे देय हों’, जाने जाते हैं:

ऋण-शोधन-क्षमता-अनुपात

तरलता अनुपात

क्रियाशीलता अनुपात

लाभ-प्रदता अनुपात

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Chapter:
[1]28.

निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन एक कम्पनी के ‘सकल लाभ अनुपात’ को प्रभावित करेगा:

  1. प्रचालनों से ₹ 1,00,000 का आगम
  2. ₹ 70,000 मूल्य के माल का क्रय
  3. ₹ 15,000 लागत के माल का व्यक्तिगत उपयोग के लिए आहरण
  4. ₹ 50,000 लागत के माल का ₹ 60,000 में विक्रय

(iv)

(i) तथा (ii)

(ii) तथा (iii)

(i) तथा (iii)

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Chapter:
[1]29. (a)

विपणन योग्य प्रतिभूतियों अथवा लघुकालीन निवेशों के क्रय को रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करते समय ध्यान में नहीं रखा जाता क्योंकि ______।

ये चालू परिसम्पत्तियाँ हैं।

ये रोकड़ तुल्य हैं।

ये अमूर्त परिसम्पत्तियाँ हैं।

ये मूर्त परिसम्पत्तियाँ हैं।

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Chapter:
अथवा
[1]29. (b)

निम्न में से कौन सा प्रचालन गतिविधियों से रोकड़ का बाह्य प्रवाह नहीं होगा?

विपणन योग्य प्रतिभूतियों का क्रय

माल के आपूर्तिकर्ताओं को नगद भुगतान

कर्मचारी हितलाभ व्ययों का भुगतान

बीमा प्रीमियम का भुगतान

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Chapter:
[1]30.

कथन-I : गैर-वित्तीय उद्यमों की स्थिति में ब्याज तथा लाभांश की प्राप्तियों को वित्तीयन गतिविधियों में वर्गीकृत किया जाता है।

कथन-II : वित्तीय उद्यमों की स्थिति में ब्याज तथा लाभांश की प्राप्तियों को निवेश गतिविधियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

निम्न में से सही विकल्प का चयन कीजिए :

दोनों कथन सत्य हैं।

कथन I सत्य है तथा कथन II असत्य है।

कथन I असत्य है तथा कथन II सत्य है।

दोनों कथन असत्य हैं।

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Chapter:
[1]31.

कम्पनी अधिनियम 2013 की अनुसूची-III भाग-I के अनुसार निम्न मदों को स्थिति विवरण के मुख्य शीर्षकों तथा उप-मुख्य शीर्षकों (यदि कोई है) के अन्तर्गत वर्गीकृत कीजिए:

  1. स्टोर्स तथा स्पेयरपार्ट्स
  2. पशु धन
  3. सार्वजनिक जमा
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Chapter:
[3]32.

31 मार्च, 2024 तथा 2025 को रॉयल शुगर मिल्स लिमिटेड के निम्नलिखित स्थिति विवरणों से एक तुलनात्मक स्थिति विवरण तैयार कीजिए:

विवरण नोट सं. 31-3-2025 (₹) 31-3-2024 (₹)
I. समता एवं देयताएँ:      
1. अंशधारक निधियाँ      
अंश पूँजी   24,00,000 20,00,000
2. अचल देयताएँ      
दीर्घकालीन उधार   12,00,000 10,00,000
3. चालू देयताएँ      
व्यापारिक देय   6,00,000 5,00,000
कुल   42,00,000 35,00,000
II. परिसम्पत्तियाँ:      
1. अचल परिसम्पत्तियाँ      
सम्पत्ति, संयंत्र एवं उपकरण तथा अमूर्त परिसम्पत्तियाँ   30,00,000 25,00,000
2. चालू परिसम्पत्तियाँ      
(a) इन्वेन्टरी   2,00,000 4,00,000
(b) रोकड़ तथा रोकड़ तुल्य   10,00,000 6,00,000
कुल   42,00,000 35,00,000
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Chapter:
[4]33. (a)

निम्नलिखित सूचना से गणना कीजिए:

  1. चालू अनुपात; तथा
  2. ऋण पर नियोजित पूँजी अनुपात
सूचना (₹)
कुल परिसम्पत्तियाँ 6,00,000
अचल देयताएँ 1,40,000
अंशधारक निधियाँ 4,20,000
अचल परिसम्पत्तियाँ 5,20,000
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Chapter:
अथवा
[4]33. (b)

निम्नलिखित सूचना से गणना कीजिए:

  1. ऋण–समता अनुपात; तथा
  2. कुल परिसम्पत्तियों पर ऋण अनुपात
सूचना (₹)
दीर्घकालीन–उधार 8,00,000
अन्य दीर्घकालीन देयताएँ 80,000
दीर्घकालीन प्रावधान 1,20,000
अंश पूँजी 24,00,000
संचय एवं आधिक्य 6,00,000
अचल परिसम्पत्तियाँ 36,00,000
चालू परिसम्पत्तियाँ 14,00,000
चालू देयताएँ 10,00,000
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Chapter:
[6]34.

31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए सोना लिमिटेड ने ₹ 4,00,000 का लाभ स्थायी परिसम्पत्तियों पर ₹ 75,000 का मूल्यह्रास प्रभारित कर तथा सामान्य संचय में ₹ 1,50,000 हस्तांतरित करने के पश्चात् अर्जित किया। वर्ष भर में ₹ 80,000 की ख्याति को अपलिखित किया गया। कम्पनी ने ₹ 90,000 पुस्तक मूल्य की मशीनरी को ₹ 95,000 में बेचा। वर्ष के दौरान व्यापारिक प्राप्यों में ₹ 40,000 की वृद्धि हुई तथा व्यापारिक देयों में ₹ 30,000 की वृद्धि हुई। पूर्वदत्त व्यय ₹ 2,000 से बढ़ गए तथा अदत्त मजदूरी ₹ 20,000 से घट गई।

प्रचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना कीजिए।

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Chapter:

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