English

तुमने अपने आस-पास, फ़िल्मों या किताबों में कई जानवरों को देखा होगा। अकेले और झुंड में देखे गए जानवरों में से, किसी एक के बारे में पता करके कुछ बातें लिखो।

Advertisements
Advertisements

Question

तुमने अपने आस-पास, फ़िल्मों या किताबों में कई जानवरों को देखा होगा। अकेले और झुंड में देखे गए जानवरों में से, किसी एक के बारे में पता करके कुछ बातें लिखो।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

मैंने अपने आस-पास कुत्तों को देखा है। एक कुत्ता मेरा पालतू भी है। कुत्ता बहुत ही आज्ञाकारी तथा वफादार जानवर होता है। कुत्ते को माँस सबसे ज्यादा पसंद है। कुत्ते के कान दिखाई देते हैं तथा शरीर पर बाल होते हैं। कुत्ते बच्चे देते हैं। कुत्ता हमारी घरों की रक्षा करता है। आवारा कुत्ते झुंड में रहते हैं। झुंड में रहने के साथ ये काफी आक्रमक भी हो जाते हैं। आवारा कुत्तों से बचकर रहना चाहिए।

shaalaa.com
नन्दू हाथी
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: नन्दू हाथी - खेल-खेल में [Page 26]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 3 नन्दू हाथी
खेल-खेल में | Q 10 | Page 26

RELATED QUESTIONS

तुम्हारी उम्र के कितने बच्चों का वज़न मिलाकर नन्दू के वज़न के बराबर होगा?


हाथियों के झुंड में सभी फ़ैसले सबसे बुज़र्ग हथिनी लेती है। तुम्हारे परिवार में घर के फ़ैसले कौन लेता है?


हाथियों के झुंड का एक कोलाज बनाओ। इसके लिए तुम हाथियों के जितने चित्र इकट्ठा कर सकते हो, करो। अब उन्हें काटकर अपनी कॉपी में चिपकाओ।


नन्दू वह सब करता था, जो उसे पसंद था। यदि तुम्हें अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए एक पूरा दिन मिले, तो तुम उस दिन क्या-क्या करोगे?


पता करो और लिखो, कौन-कौन से जानवर झुंड में रहते हैं?


क्या तुम भी समूह में रहते हो? तुम्हें समूह में रहना कैसा लगता है? तुम्हारे हिसाब से समूह में रहने के फ़ायदे और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं?

फ़ायदे नुकसान
   

तुम कौन-कौन से जानवरों पर बैठे हो? उनके नाम लिखो।


क्या तुमने किसी जानवर को दूसरे जानवर की सवारी करते देखा है? उसका नाम लिखो।

  1. सवार जानवर
  2. सवारी देता जानवर

ऐसे जानवरों के नाम लिखो, जिन्हें हम सामान ढोने के काम में लाते हैं।


इन चित्रों को देखो और पढ़ो- ये जानवर आपस में क्या-क्या कह रहे हैं। इन पर संवेदनशीलता से चर्चा करें।

यह पिटारी ही अब मेरा घर बन गया है। मैं तो जंगल के जानवरों से मिलना और खुली हवा लेना मानो भूल ही गया हूँ। बस पिटारी है और यह सँपेरा!
यह मत सोचो कि मैं सर्कस में बहुत खुश हूँ। नाचो, कूदो, आग के गोले में से निकलो, और भी न जाने क्या-क्या! न करो, तो भूखे रहो और पिटाई अलग से!
तुमने मेरी दौड़ ही देखी है। मेरे पैरों के नीचे जब लोहे की नाल ठोकते हैं, तो दर्द से जान निकल जाती है।
नाचते-नाचते हमारी तो कमर ही टूट गई। मन न हो फिर भी नाचो। वह भी, खाली पेट!
म्याऊँ-म्याऊँ-म्याऊँ! लोगों के लिए कुछ भी काम नहीं करती, फिर भी बच्चे मुझे बहुत प्यार करते हैं। दूध पिलाते हैं और सहलाते भी हैं। मैं अपनी मर्ज़ी से सब जगह आती-जाती हूँ।
गुटरगूँ! गुटरगूँ! जानते हो, लोग मुझे बुला-बुलाकर बड़े प्यार से दाना खिलाते हैं।

पेड़ों पर झूमते और लटकते बंदरों और मदारी के बंदर में तुम्हें क्या अंतर लगता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×