Advertisements
Advertisements
Question
तुम्हें याद है न, उस गाँव के बुज़ुर्गों की बातें?
Advertisements
Solution
हाँ मुझे याद है। उस गाँव के बुज़ुर्गों का कहना था- “अगर पेड़ हैं, तो हम हैं”। पेड़ और जानवर हमारे बिना रह सकते हैं, पर हम उनके बिना नहीं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
क्या तुम्हारे घर के आस-पास किसी मैदान या स्कूल के रास्ते में, कोई ऐसी जगह है जहाँ पेड़ लगाए गए हैं?
क्या तुमने किसी को पेड़ों की देखभाल करते देखा है? किसको?
क्यों उनमें से किसी पेड़ पर फल लगते हैं? उन्हें कौन खाता है?
तुम्हें यह क्यों लगता है कि ये पौधे अपने-आप उग रहे हैं?
इस साल एक और नए पेड़ से दोस्ती करो। अपने दोस्त पेड़ों को क्या तुमने साल भर में मौसम के साथ बदलते देखा है?
किसी एक पेड़ के बारे में लिखो-
- क्या उस पर फूल आते हैं?
- फूल क्या साल भर रहते हैं?
- पत्तियाँ किस महीने में झड़ती हैं?
- क्या उस पर फल लगते हैं?
- फल किन-किन महीनों में लगते हैं?
- क्या तुमने कभी ये फल खाए हैं?
लोग शिकार क्यों करते हैं?
क्या तुम्हें पता है कि शिकार करने पर सजा होती है? शिकार करने पर सजा क्यों रखी गई है?
शांति के दादाजी ने बताया कि जब वे छोटे थे तब बहुत-सी चिड़िया, मैना आदि दिखाई देती थीं। क्या तुम अंदाज़ा लगा सकते हो कि इन पक्षियों की संख्या कम क्यों हो गई है? कोई दो कारण लिखो।
तुम्हारे इलाके में कौन-से पेड़ ज़्यादा पाए जाते हैं? दो के नाम बताओ।
