English

क्या तुम्हें पता है कि शिकार करने पर सजा होती है? शिकार करने पर सजा क्यों रखी गई है?

Advertisements
Advertisements

Question

क्या तुम्हें पता है कि शिकार करने पर सजा होती है? शिकार करने पर सजा क्यों रखी गई है?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

अत्यधिक शिकार के कारण जानवरों की कुछ प्रजातियाँ, जैसे काला हिरण, बाघ आदि विलुप्त होने के कगार पर हैं। इन्हें बचाने के लिए सरकार ने शिकार के खिलाफ नियम बनाए हैं। लेकिन, कुछ लोग इन नियमों को अनदेखा करते हैं और अवैध रूप से जानवरों का शिकार करते हैं। ऐसे लोगों को शिकार करने से रोकने के लिए उचित सजा होनी चाहिए।

shaalaa.com
अमृता की कहानी
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: अमृता की कहानी - चर्चा करो [Page 36]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 4 अमृता की कहानी
चर्चा करो | Q 2 | Page 36

RELATED QUESTIONS

क्या तुम्हारे घर के आस-पास किसी मैदान या स्कूल के रास्ते में, कोई ऐसी जगह है जहाँ पेड़ लगाए गए हैं?


क्यों उनमें से किसी पेड़ पर फल लगते हैं? उन्हें कौन खाता है?


ललिता को लगता है कि उसके स्कूल की दीवार के साथ उगे हुए छोटे-छोटे पौधे और घास किसी ने लगाए नहीं हैं। क्या तुम भी किसी ऐसी जगह के बारे में जानते हो जहाँ घास, छोटे-छोटे पौधे और पेड़ अपने-आप ही उग गए हों?


तुम्हें यह क्यों लगता है कि ये पौधे अपने-आप उग रहे हैं?


अगर पेड़ और जानवर नहीं होंगे, तो क्या हम रहेंगे? इस बारे में कक्षा में चर्चा करो।


तुमने तीसरी कक्षा में जिस पेड़ से दोस्ती की थी, वह अब कैसा है?


इस साल एक और नए पेड़ से दोस्ती करो। अपने दोस्त पेड़ों को क्या तुमने साल भर में मौसम के साथ बदलते देखा है?


किसी एक पेड़ के बारे में लिखो-

  1. क्या उस पर फूल आते हैं?
  2. फूल क्या साल भर रहते हैं?
  3. पत्तियाँ किस महीने में झड़ती हैं?
  4. क्या उस पर फल लगते हैं?
  5. फल किन-किन महीनों में लगते हैं?
  6. क्या तुमने कभी ये फल खाए हैं?

शांति के दादाजी ने बताया कि जब वे छोटे थे तब बहुत-सी चिड़िया, मैना आदि दिखाई देती थीं। क्या तुम अंदाज़ा लगा सकते हो कि इन पक्षियों की संख्या कम क्यों हो गई है? कोई दो कारण लिखो।


अपने बड़ों से पता करो कि क्या इन पेड़ों की कोई खास बात है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×