English

ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे?

Advertisements
Advertisements

Question

ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे?

One Line Answer
Advertisements

Solution

नीचे की मंज़िल पर कोई खिड़की नहीं होती है। खिड़की नहीं होने के कारण नीचे की मंज़िल का मकान गर्म रहता है। इसलिये ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं।

shaalaa.com
बसेरा ऊँचाई पर
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 13: बसेरा ऊँचाई पर - लिखो [Page 123]

APPEARS IN

NCERT Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
Chapter 13 बसेरा ऊँचाई पर
लिखो | Q 1 | Page 123

RELATED QUESTIONS

नक्शे में देखकर बताओ कि मुंबई से कश्मीर जाने के रास्ते में कौन-कौन से राज्य आएँगे?


मान लो, तुम्हें अकेले पहाड़ पर दो दिन तक एक टेंट में रहना है और तुम अपने साथ केवल दस चीज़ें ले जा सकते हो। उन दस चीज़ों की सूची बनाओ, जो तुम ले जाना चाहोगे।


तुम्हारे घर की छत कैसी है? तुम्हारे यहाँ छत किन-किन कामों के लिए इस्तेमाल होती है?


गौरव जानी ने ऐसा क्यों कहा - ‘इतनी उँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी’?


वह कितनी उँचाई पर था? क्या वहाँ साँस लेने में तुम्हें भी परेशानी आई?


चांगपा लोगों की जिंदगी पूरी तरह से इन जानवरों से जुड़ी है। क्या कोई जानवर तुम्हारी जिंदगी का हिस्सा हैं? जैसे-तुम्हारा कोई पालतू जानवर या खेती में इस्तेमाल किए गए जानवर, इत्यादि।


तुम्हारे घर में क्या कोई खास बात है? जैसे - ज़्यादा बारिश होती है तो ढलवाँ छत या बड़ा बरामदा, जहाँ गर्मियों में सोते हो और धूप में कुछ सुखाते हो।


इस चित्र को देखो। क्या इसमें कुछ घर पहचान पा रहे हो? ये लकड़ी और मिट्टी के घर हैं जिनमें सर्दियों में कोई नहीं रहता। गर्मियों में बकरवाल लोग यहाँ रहने आते हैं जब वे बकरियों को चराने के लिए पहाड़ों की उँचाइयों पर ले जाते हैं।

 


अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?


तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×