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Question
स्पष्ट कीजिए कि 1 मोल NaCl को एक लिटर जल में मिलने पर जल के क्वथनांक में वुद्ध क्यों होती है, जबकि एक लिटर जल में एक मोल मेथिल ऐल्कोहॉल घोलने पर जल का क्थनांक कम हो जाता है।
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Solution
NaCl एक अवाष्पशील विलेय है। फलत: जल में NaCl को मिलाने से जल का वाष्प दाब कम हो जाता है। परिणामस्वरूप जल का क्वथनांक बढ़ जाता है। वहीं दूसरी ओर मेथिल ऐल्कोहॉल जल की तुलना में अधिक वाष्पशील है। अतः इसे मिलाने से विलयन के ऊपर कुल वाष्प दाब बढ़ जाता है अत: जल का क्वथनांक कम हो जाता है।
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शक्कर के 5% (द्रव्यमान) जलीय विलयन का हिमांक 271 K है। यदि शुद्ध जल का हिमांक 273.15 K है तो ग्लूकोस के 5% जलीय विलयन के हिमांक की गणना कीजिए।
दिए गए ताप पर एक सांद्र विलयन के परासरण दाब की तुलना ______।
चित्र को देखकर सही विकल्प को चुनिए।

समपरासरी विलयनों में ______ समान होने चाहिए।
- विलेय
- घनत्व
- क्वथनांक में उन्नयन
- हिमांक में अवनमन
समपरासरी विलयनों में ______।
- विलेय और विलायक वही होते हैं।
- परासरण दाब समान होता है।
- विलेय और विलायक वही हो भी सकते हैं और नहीं भी।
- विलेय हमेशा एक ही होता है विलायक अलग हो सकता है।
अणुसंख्य गुणधर्म तब प्रेक्षित होते हैं जब ______।
- किसी अवाष्पशील ठोस को वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- किसी अवाष्पशील द्रव को एक अन्य वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- किसी गैस को अवाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- एक वाष्पशील तरल दूसरे वाष्पशील तरल में घुल जाता है।
'अर्धपारगम्य झिल्ली' क्या होती है?
प्रतिलोम परासरण को संपन्न करने के लिए उपयोग में आने वाले अर्धपारगम्य झिल्ली के निर्माण के लिए एक पदार्थ का उदाहरण दीजिए।
अभिक्रन - NaCl को जल में मिलाने से जल के हिमांक में अवनमन प्रेक्षित होता है।
तर्के - विलयन के वाष्प दाब में कमी के कारण हिमांक में अवनमन होता है।
अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।
तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।
