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Question
अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।
तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।
Options
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथधन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
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Solution
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
स्पष्टीकरण -
अभिकथन सही कथन है लेकिन कारण गलत कथन है क्योंकि एक अर्धपारगम्य झिल्ली विलायक के अणुओं को कम सांद्रता के घोल से उच्च सांद्रता वाले घोल से गुजरने की अनुमति देती है। विलायक के अणु का विलायक की ओर से विलयन की ओर अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से प्रवाह को परासरण कहा जाता है।
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