Advertisements
Advertisements
Question
अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।
तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।
Options
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथधन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
Advertisements
Solution
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
स्पष्टीकरण -
अभिकथन सही कथन है लेकिन कारण गलत कथन है क्योंकि एक अर्धपारगम्य झिल्ली विलायक के अणुओं को कम सांद्रता के घोल से उच्च सांद्रता वाले घोल से गुजरने की अनुमति देती है। विलायक के अणु का विलायक की ओर से विलयन की ओर अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से प्रवाह को परासरण कहा जाता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
शक्कर के 5% (द्रव्यमान) जलीय विलयन का हिमांक 271 K है। यदि शुद्ध जल का हिमांक 273.15 K है तो ग्लूकोस के 5% जलीय विलयन के हिमांक की गणना कीजिए।
निम्नलिखित में से किस जलीय विलयन का क्वथनांक उच्चतम होना चाहिए?
अचार बनाने के लिए कच्चे आम को नमक के सांद्र विलयन में रखने पर यह सिकुड़ जाता है क्योंकि ______।
चित्र को देखकर सही विकल्प को चुनिए।

अणुसंख्य गुणधर्म तब प्रेक्षित होते हैं जब ______।
- किसी अवाष्पशील ठोस को वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- किसी अवाष्पशील द्रव को एक अन्य वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- किसी गैस को अवाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
- एक वाष्पशील तरल दूसरे वाष्पशील तरल में घुल जाता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में हिम आच्छादित सड़कों को साफ करने में नमक का छिड़काव किस प्रकार सहायता करता है। इस प्रक्रिया से संबंधित परिघटना की व्याख्या कीजिए।
प्रतिलोम परासरण को संपन्न करने के लिए उपयोग में आने वाले अर्धपारगम्य झिल्ली के निर्माण के लिए एक पदार्थ का उदाहरण दीजिए।
अभिकथन - मेथिल ऐल्कोहॉल को जल में घोलने से जल का क्वथनांक बढ़ता है।
तर्के - वाष्पशील ठोस को वाष्पशील विलयन में मिलाने से क्वथनांक में उन्नयन प्रेक्षित होता है।
आसवन के द्वारा शुद्ध एथेनॉल प्राप्त करना संभव क्यों नहीं है? ऐसे द्विअंगी मिश्रणों को क्या नाम दिया जाता है जो सामान्यत: राउल्ट के नियम से विचलन दर्शाते हैं और जिनके अवयवों को आसवन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता? ये मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?
परासरण के जैविक तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों की विवेचना कीजिए।
