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Question
सम्प्रेषण की किन्हीं चार व्यक्तिगत बाधाओं को समझाइए।
Very Long Answer
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Solution
सम्प्रेषण की व्यक्तिगत (व्यक्तिगत स्तर की) बाधाएँ वे होती हैं जो व्यक्ति की मानसिकता, व्यवहार और भावनाओं के कारण उत्पन्न होती हैं। चार प्रमुख बाधाएँ निम्नलिखित हैं:
- पूर्वाग्रह (पूर्व धारणा): यदि प्राप्तकर्ता या प्रेषक पहले से ही किसी विषय या व्यक्ति के प्रति नकारात्मक सोच रखता है, तो संदेश को सही ढंग से समझना कठिन हो जाता है। इससे संचार की प्रभावशीलता कम हो जाती है और गलतफहमी उत्पन्न होती है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति वास्तविक संदेश को भी स्वीकार नहीं करता। - ध्यान की कमी (ध्यान न देना): जब व्यक्ति संदेश को ध्यान से नहीं सुनता या उस पर ध्यान नहीं देता, तो संदेश का सही अर्थ ग्रहण नहीं हो पाता। इससे संचार अधूरा या गलत समझा जा सकता है और कार्य प्रभावित होता है। इसका कारण रुचि की कमी या मानसिक व्यस्तता भी हो सकती है।
- भावनात्मक स्थिति (भावनाएँ): क्रोध, भय, तनाव या अत्यधिक उत्साह जैसी भावनाएँ व्यक्ति की समझने और सोचने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। इससे संदेश का गलत अर्थ निकाला जा सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति तर्कसंगत निर्णय नहीं ले पाता।
- आत्म-रक्षा प्रवृत्ति (रक्षात्मक व्यवहार): जब व्यक्ति आलोचना या सुझाव को व्यक्तिगत रूप से लेता है और रक्षात्मक हो जाता है, तो वह सही संदेश को स्वीकार नहीं करता। इससे संचार में बाधा उत्पन्न होती है और संबंध भी प्रभावित होते हैं। ऐसा व्यवहार संवाद को अस्वीकारात्मक बना देता है।
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