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Question
प्रबन्ध के नियन्त्रण कार्य के महत्त्व के किन्हीं चार बिन्दुओं को समझाइए।
Very Long Answer
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Solution
प्रबन्ध के नियन्त्रण कार्य का महत्त्व निम्नलिखित है:
- लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता: नियन्त्रण यह सुनिश्चित करता है कि सभी कार्य योजनानुसार हो रहे हैं या नहीं। यदि कोई विचलन होता है, तो उसे सुधारकर संगठन अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। इससे संगठन सही दिशा में आगे बढ़ता है और सफलता की संभावना बढ़ती है।
- त्रुटियों की पहचान और सुधार: नियन्त्रण के माध्यम से कार्यों में होने वाली गलतियों और कमियों का पता लगाया जाता है। समय रहते सुधारात्मक कदम उठाकर नुकसान को कम किया जा सकता है। इससे भविष्य में वही गलतियाँ दोहराने से बचा जा सकता है और कार्य की गुणवत्ता में सुधार होता है।
- संसाधनों का कुशल उपयोग: नियन्त्रण से यह सुनिश्चित होता है कि मानव, वित्तीय और भौतिक संसाधनों का अपव्यय न हो और उनका अधिकतम एवं सही उपयोग किया जाए। इससे लागत कम होती है और संगठन की लाभप्रदता बढ़ती है।
- कार्यकुशलता में वृद्धि: नियन्त्रण कर्मचारियों के प्रदर्शन की निगरानी करता है और उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे संगठन की समग्र कार्यकुशलता बढ़ती है। यह अनुशासन बनाए रखने में भी सहायता करता है।
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