Advertisements
Advertisements
Question
समाज सेवी महिला की जीवनी पढ़कर प्रेरणादायी अंश चुनाे और बताओ।
Advertisements
Solution
सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र के नायगााँव में सन १८३१ में हुआ था। सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं। उन्होंने हर बिरादरी और धर्म के लिए काम किया। जब सावित्रीबाई पढ़ाने के लिए जाती थीं, तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी, कीचड़, गोबर तक फेंका करते थे। सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँचकर गंदी साड़ी बदल लेती थीं। वे हमें अपने पथ पर चलते रहने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज में वंचितों खासकर महिलाओं व दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने में बिता दिया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
रचना के आधार पर विभिन्न प्रकार के तीन-तीन वाक्य पाठों से ढूँढ़कर लिखो।
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से

मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से
मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से
दिए गए चित्रों के आधार पर उचित और आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।

यदि सच में हमारे मामा का घर चॉंद पर होता तो...
‘बाघ बचाओ परियोजना’ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लिखो।
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
