Advertisements
Advertisements
Question
संस्कृति का कूड़ा-करकट’ किसे कहा गया है?
Advertisements
Solution
संस्कृति का कूड़ा-करकट उन सड़ी गली परंपराओं और कुरीतियों को कहा गया है जो समाज के विकास में बाधक सिद्ध होने के साथ ही मानवता हेतु अकल्याणकारी सिद्ध होती है तथा कुछ लोगों को दबाने का प्रयास करती हैं।
RELATED QUESTIONS
लेखक की दृष्टि में ‘सभ्यता’ और ‘संस्कृति’ की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?
आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?
वास्तविक अर्थों में ‘संस्कृत व्यक्ति’ किसे कहा जा सकता है?
न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?
किन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई-धागे का आविष्कार हुआ होगा?
“मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है।” किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।
आशय स्पष्ट कीजिए -
मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
न्यूटन से भी अधिक ज्ञान रखने वाले और उन्नत जीवन शैली अपनाने वाले को संस्कृत कहेंगे या सभ्य और क्यों?
संस्कृत व्यक्तियों के लिए भौतिक प्रेरणा का क्या महत्त्व है, उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए?
संस्कृति के असंस्कृति बनने का तात्पर्य स्पष्ट करते हुए बताइए इस असंस्कृति का परिणाम क्या होगा?
‘संस्कृति’ पाठ का उद्देश्य या उसमें निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
लोग संस्कृति और सभ्यता को ठीक-ठीक समझने में अभी भी भूल क्यों करते हैं?
