English

सिद्धार्थ ने मानव संस्कृति में किस तरह योगदान दिया? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

सिद्धार्थ ने मानव संस्कृति में किस तरह योगदान दिया?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

सिद्धार्थ राजा शुद्धोदन के पुत्र थे जिनके पास सुख-सुविधाओं का विशाल भंडार था पर सिद्धार्थ को मानवता का दुख दुखी कर रहा था। उन्होंने इस दुखी मानवता के दुख के निवारणार्थ अपने सुख को ठोकर मारकर ज्ञान की प्राप्ति हेतु निकल पड़े जिसका लाभ उठाकर मनुष्य दुखों से छुटकारा पा सके।

shaalaa.com
संस्कृति
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 17: भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 17 भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

RELATED QUESTIONS

लेखक की दृष्टि में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?


आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?


वास्तविक अर्थों मे 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?


न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?


मानव संस्कृत एक अविभाज्य वस्तु है। किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब -

जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।


लेखक ने अपने दृष्टिकोण से सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है। आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं, लिखिए।


संस्कृति और सभ्यता क्या हैं?


न्यूटन से भी अधिक ज्ञान रखने वाले और उन्नत जीवन शैली अपनाने वाले को संस्कृत कहेंगे या सभ्य और क्यों?


संस्कृत व्यक्तियों के लिए भौतिक प्रेरणा का क्या महत्त्व है, उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए?


संस्कृति का कूड़ा-करकट’ किसे कहा गया है?


‘संस्कृति’ पाठ का उद्देश्य या उसमें निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


काशी को संस्कृति की पाठशाला इसलिए कहा गया है क्योंकि ______


भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×