Advertisements
Advertisements
Question
न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?
Advertisements
Solution
न्यूटन ने अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर गुरुत्वाकर्षण के रहस्य का पता लगाया था, इसलिए उन्हें संस्कृत मानव कहा जा सकता है। आज के लोगों के पास इस विषय का अधिक ज्ञान अवश्य है, किन्तु उनमें वह मौलिक चिंतन और खोज करने की शक्ति नहीं है जो न्यूटन में थी। वे केवल उनके द्वारा प्राप्त ज्ञान का विस्तार कर रहे हैं। अतः उन्हें न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य तो कहा जा सकता है, पर अधिक संस्कृत नहीं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?
“मानव संस्कृत एक अविभाज्य वस्तु है।” किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गईं।
आशय स्पष्ट कीजिए -
मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
लेखक ने अपने दृष्टिकोण से सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है। आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं, लिखिए।
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
संस्कृति और सभ्यता क्या हैं?
न्यूटन से भी अधिक ज्ञान रखने वाले और उन्नत जीवन शैली अपनाने वाले को संस्कृत कहेंगे या सभ्य और क्यों?
सिद्धार्थ ने मानव संस्कृति में किस तरह योगदान दिया?
संस्कृति के असंस्कृति बनने का तात्पर्य स्पष्ट करते हुए बताइए इस असंस्कृति का परिणाम क्या होगा?
संस्कृति का कूड़ा-करकट’ किसे कहा गया है?
‘संस्कृति’ पाठ का उद्देश्य या उसमें निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
काशी को संस्कृति की पाठशाला इसलिए कहा गया है क्योंकि ______
