English

राम, राजू एवं जॉर्ज एक फर्म में 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन पर साझेदार हैं। साझेदारी विलेख' के अनुसार जॉर्ज को प्रतिवर्ष 10,000 रु. लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होंगे।

Advertisements
Advertisements

Question

राम, राजू एवं जॉर्ज एक फर्म में 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन पर साझेदार हैं। साझेदारी विलेख' के अनुसार जॉर्ज को प्रतिवर्ष 10,000 रु. लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होंगे। वर्ष 2019 में निवल लाभ की राशि 40,000 रू. है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

Ledger
Advertisements

Solution

नाम लाभ और हानि विनियोग खाता जमा

विवरण

राशि (रु.) राशि (रु.)

विवरण

राशि (रु.)

लाभ हस्तांतरित

   

लाभ और हानि

40,000
राम (20,000 – 1,250) 18,750 40,000    
राजू (12,000 – 750) 11,250    
जॉर्ज (8,000 + 1,250 + 750) 10,000    
    40,000   40,000

नोट: जॉर्ज के हिस्से की गणना

`40,000xx 2/10` = 8,000 

शेष 10,000 – 8,000 = 2,000

हेतु राम से `2,000 xx 5/8` = 1,250 

राजू से `2,000xx3/8` = 750

जार्ज का कुल हिस्सा = 10,000

shaalaa.com
साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ - अभ्यास के लिए प्रश्न [Page 106]

APPEARS IN

NCERT Lekhashastra Alaabhkaari Sansthaye evam Sajhedaari khate [Hindi] Class 12
Chapter 2 साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 8. | Page 106

RELATED QUESTIONS

लाभ और हानि समायोजन खाता क्यों तैयार किया जाता है? वर्णन करें।


प्रत्येक तिमाही के पहले दिन यदि एक स्थिर राशि का आहरण होता है, जिसके लिए आहरणों पर ब्याज के परिकलन हेतु क्या अवधि मानी जाएगी?


वर्णन करें की विभिन्न स्थितियों में किए गए आहरणों पर ब्याज कैसे परिकलित किया जाता है।


आप वर्तमान साझेदार के साथ लाभ विभाजन अनुपात को कैसे बदलेंगे ? अपने उत्तर की व्याख्या के लिए कल्पित अंकों को अपनाएँ।


हर्षद एवं धीमान 01 अप्रैल, 2019 से साझेदार हैं। इनके बीच कोई साझेदारी समझौता हस्ताक्षरित नहीं किया है। दोनों ने क्रमशः 4,00,000 रू. तथा 1,00,000 रू. पूँजी के रूप में लगाएँ हैं। इसके साथ ही हर्षद ने 01 अक्तूबर, 2019 को, 100,000 रू. अग्रिम राशि लगाई है। अस्वस्थ होने के कारण हर्षद 01 अगस्त से 30 सितंबर, 2016 तक व्यवसाय में भाग नहीं ले सका। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 में फर्म को 1,80,000 रू. का लाभ प्राप्त हुआ। लेकिन निम्न बातों के लिए हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद पैदा हो गया।

हर्षद का दावा है:

  1. उसे अपनी पूँजी एवं दिए गए ऋण पर 10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलना चाहिए ।
  2. लाभ को पूँजी के अनुपात में वितरित किया जाना चाहिए।

धीमान का दावा है :

  1. लाभ का वितरण एक समान होना चाहिए;
  2. हर्षद की अनुपस्थिति में व्यवसाय अकेले चलाने के लिए उस अरधधि का पारिश्रमिक 2,000 रु. प्रतिमाह की दर से मिलना चाहिए;
  3. पूँजी एवं ऋण पर 6% प्रतिवर्ष की दर ब्याज अनुमत किया जाना चाहिए।
    आप से यह अपेक्षा की जाती है कि हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद हल करें। इसके साथ ही लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

लोकेश एवं आज़ाद 3 : 2 के अनुपात से लाभ के आधार पर साझेदारी करते हैं जिसमें उन्होंने क्रमशः 50,000 रू. तथा 30,000 रू. लगाए हैं। पूँजी पर 6% की वार्षिक दर से ब्याज प्रभारित करना तय है तथा आज़ाद को वेतन के रूप में 25,000 रू. प्रतिवर्ष देय अनुमत है। वर्ष 2013 के दौरान आज़ाद का वेतन निकालने के बाद लाभ की राशि 12,550 रू. बनती है। इसमें लाभ की राशि का 5% भाग कमीशन के रूप में मैनेजर को देय है। लाभ के विभाजन को दर्शाने वाला खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।


मनीष एवं गिरीश के साझेदारी समझौते में यह प्रावधान है कि :

  1. लाभ का विभाजन बराबर होगा;
  2. मनीष को प्रतिमाह 400 रू. का वेतन अनुमत होगा;
  3. गिरीश, जो कि बिक्री विभाग का प्रबंध करता है उसे महेश के वेतन को अनुमत करने के बाद कमीशन के रूप में, निवल लाभ से 10% प्र. व कमीशन के रूप में प्राप्त होंगे।
  4. साझेदारों की स्थिर पूँजी पर 7% प्र. व की दर से ब्याज देय होगा।
  5. साझेदारों के वर्ष भर के आहरणों पर 5% की दर से व्याख्या प्रभारित होगी;
  6. मनीष एवं गिरीश की स्थिर पूँजी क्रमश: 1,00,000 रू. तथा 80,000 रु. हैं। उनकी वार्षिक आहरित राशि क्रमशः 16,000 रू. एवं 14,000 रू. है। 31 मार्च, 2019 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ की राशि 40,000 रू. है।
    फर्म के लिए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

सिम्मी एवं सोनू एक फर्म में साझेदार हैं जो लाभ एवं हानि का विभाजन 3: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर निवल लाभ 50,000 रु. है। निम्नलिखित सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता और पूँजी खाते तैयार करें:

  1. 01 अप्रैल, 2019 को साझेदारों की पूँजी; सिम्मी 30,000 रू.; सोनू 60,000 रू.;
  2. 01 अप्रैल, 2015 को चालू खाते का शेष; सिम्मी 30,000 रू. (जमा); सोनू 1,50,000 रू. (जमा);
  3. वर्ष के दौरान साझेदारों की आहरण राशि; सिम्मी 20,000 रू.; सोनू 15,000 रू.;
  4. पूँजी पर अनुमत ब्याज दर 5% प्रतिवर्ष;
  5. आहरणों पर प्रभारित ब्याज दर 6% प्रतिवर्ष; एक औसत के अनुसार 6 माह की अवधि;
  6. साझेदारों का वेतन : सिम्मी 12,000 रू. तथा सोनू 9,000 रू.। इसके साथ ही साझेदारों का चालू खाता दर्शाएँ।

अरविंद और आनन्द साझेदार हैं और 8: 3: 1 के अनुपात में लाभ व हानि को बांटते हैं। अप्रैल 01, 2019 को उनके पूँजी खाते इस प्रकार धे : अरविन्द 4,40,000 रू. और आनन्द 2,60,000 रू.। साझेदार संलेख के अनुबंध के अनुसार साझेदारों को 5%  प्र. व. पूँजी पर ब्याज और आहरण पर 6% प्र.व. ब्याज मान्य है। इसके अतिरिक्त अरविन्द को 35,000 रू. का वेतन भी दिया जाएगा।साझेदारों के आहरण इस प्रकार हैं : अरविन्द 40,000 रू. और आनन्द 28,000 रू.। 31 मार्च, 2020 को फर्म की हानि 32,400 रु. थी। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार करें।


रमेश और सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं तथा उनके लाभ विभाजन अनुपात उनकी पूँजी के अनुसार है जो कि व्यवसाय के प्रारंभ में क्रमशः 80,000 रू. तथा 60,000 रू. लगाई गई थी। फर्म ने 01 अप्रैल, 2015 से व्यवसाय शुरू किया। साझेदारी समझौते के अनुसार पूँजी और आहरणों पर क्रमशः 12% और 10% प्रतिवर्ष ब्याज की दर अनुमत है। रमेश और सुरेश क्रमशः 2,000 रू. तथा 3,000 रु. प्रतिमाह को वेतन के रूप में प्राप्त करते हैं। वर्ष की समाप्ति पर 31 मार्च, 2016 को उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 1,00,300 रु. था और रमेश तथा सुरेश के आहरण क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रू. थे। आहरणों की राशि पर ब्याज रमेश के लिए 2,000 रू. तथा सुरेश के लिए 2,500 रू. बनते हैं। इनकी पूँजी को अस्थिर मानते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें। 


31 मार्च, 2016 को लेखा खाते बंद होने के बाद, राम, श्याम तथा मोहन की पूँजी शेष क्रमशः 24,000 रू. 18,000 रु. तथा 12,000 रू. प्रकट होती हैं। लेकिन बाद में यह पता चलता है कि पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज शामिल होने से रह गई है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष के अंत में यह लाभ राशि 36,000 रू. होती है तथा साझेदारों के आहरण: राम 3,600 रू., श्याम 4,500 रू. तथा मोहन 2,700 रू. होती है। राम, श्याम एवं मोहन का लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।


अभय, सिद्धार्थ व कुसुम एक फर्म में साझेदार हैं और उनका लाभ विभाजन अनुपात 5:3:2 का है। कुसम को लाभ शेयर के रूप में 10,000 रू. की गारंटी दी गई है। यदि कोई कमी आई तो इसे सिद्धार्थ के खाते से पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2016-17 वर्ष के अंत में लाभ क्रमश : 40,000 रू. तथा 60,000 रू. था। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।


क, ख एवं ग एक फॉर्म की साझेदारी में लाभ विभाजन क्रमश: 3 : 2 : 1 के अनुपात में करते हैं। हालाँकि ग के भाग के लिए क एवं ख ने न्यूनतम ₹ 8,000 रु. की स्थिर गारंटी दी हुई है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 को लाभ ₹ 36,000 रु. होता है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जिसमें प्रत्येक साझीदार के लिए अंतिम प्राप्त राशि का संकेत हो।


मनु एवं सृष्टि एक फर्म में 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। 31 मार्च, 2017 को उनके फर्म का तुलन पत्र निम्नानुसार है:

31 मार्च, 2017 के अनुसार तुलन पत्र
दायित्व   राशि (रु.) परिसंपत्तियाँ   राशि (रु.)
मनु की पूँजी 30,000 40,000

आहरण

   
सृष्टि की पूँजी 10,000 मन्नू 4,000 6,000
      सृष्टि 2,000
    40,000     40,000

31 मार्च, 2017 के वर्ष के अंत में लाभ को सहमत अनुपात के आधार पर वितरित किया गया लेकिन पूँजी पर ब्याज की दर 5% वार्षिक तथा आहरणों पर 6% वार्षिक असावधानी से जाँच द्वारा ली गई। एक औसत अर्वधि 6 माह के लिए आधार बनाकर आहरण पर ब्याज का समायोजन करें। समायोजन प्रविष्टि प्रदान करें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×