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अमन, बबीता एवं सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं, इनका लाभ विभाजन अनुपात 2 : 1 : 1 है। हालाँक सुरेश को प्रतिवर्ष लाभ के भाग के रूप में न्यूनतम 10,000 रू. की गारंटी दी हुई है।

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Question

अमन, बबीता एवं सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं, इनका लाभ विभाजन अनुपात 2 : 1 : 1 है। हालाँक सुरेश को प्रतिवर्ष लाभ के भाग के रूप में न्यूनतम 10,000 रू. की गारंटी दी हुई है। यदि लाभ में कोई कमी आती है तो वह खाता बबीता द्वारा पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2019 तथा 2016 को क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रु. का लाभ प्राप्त हुआ। दो वर्ष का लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

Ledger
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Solution

नाम

लाभ और हानि विनियोग खाता  जमा

विवरण

  राशि (रु.)

विवरण

राशि (रु.)

लाभ को हस्तांतरित

किया गया

   

लाभ और हानि

40,000
अमन की पूँजी (16,000) 16,000 40,000    
बबीता की पूँजी (16,000 - 2,000) 14,000    
सुरेश की पूँजी (8,000 + 2,000) 10,000    
    40,000   40,000

 

नाम

लाभ और हानि
विनियोग खाता
जमा

विवरण

 राशि (रु.) विवरण

राशि (रु.)

लाभ को हस्तांतरित किया गया

 

लाभ और हानि

60,000
अमन की पूँजी 24,000    
बबीता की पूँजी 24,000    
सुरेश की पूँजी 12,000    
  60,000   60,000

कार्यकारी टिप्पणी - 

(1) लाभ = 40,000 - A : B : S = 2 : 2 : 1

अमन = `2/5 xx 40,000 = 16,000`

बबीता = `2/5 xx 40,000` = 16,000 - 2,000 = 14,000

सुरेश = `1/5 xx 40,000` = 8,000 + 2,000 = 10,000

(2) यदि लाभ = 60,000 रु. - A : B : S = 2 : 2 : 1

अमन = `2/5 xx 60,000` = 24,000

बबीता = `2/5 xx 60,000` = 24,000

सुरेश = `1/5 xx 60,000` = 12,000

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साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन
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Chapter 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ - अभ्यास के लिए प्रश्न [Page 106]

APPEARS IN

NCERT Lekhashastra Alaabhkaari Sansthaye evam Sajhedaari khate [Hindi] Class 12
Chapter 2 साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 9. | Page 106

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लाभ और हानि समायोजन खाता क्यों तैयार किया जाता है? वर्णन करें।


प्रत्येक तिमाही के पहले दिन यदि एक स्थिर राशि का आहरण होता है, जिसके लिए आहरणों पर ब्याज के परिकलन हेतु क्या अवधि मानी जाएगी?


वर्णन करें की विभिन्न स्थितियों में किए गए आहरणों पर ब्याज कैसे परिकलित किया जाता है।


आप वर्तमान साझेदार के साथ लाभ विभाजन अनुपात को कैसे बदलेंगे ? अपने उत्तर की व्याख्या के लिए कल्पित अंकों को अपनाएँ।


लोकेश एवं आज़ाद 3 : 2 के अनुपात से लाभ के आधार पर साझेदारी करते हैं जिसमें उन्होंने क्रमशः 50,000 रू. तथा 30,000 रू. लगाए हैं। पूँजी पर 6% की वार्षिक दर से ब्याज प्रभारित करना तय है तथा आज़ाद को वेतन के रूप में 25,000 रू. प्रतिवर्ष देय अनुमत है। वर्ष 2013 के दौरान आज़ाद का वेतन निकालने के बाद लाभ की राशि 12,550 रू. बनती है। इसमें लाभ की राशि का 5% भाग कमीशन के रूप में मैनेजर को देय है। लाभ के विभाजन को दर्शाने वाला खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।


राम, राजू एवं जॉर्ज एक फर्म में 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन पर साझेदार हैं। साझेदारी विलेख' के अनुसार जॉर्ज को प्रतिवर्ष 10,000 रु. लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होंगे। वर्ष 2019 में निवल लाभ की राशि 40,000 रू. है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।


सिम्मी एवं सोनू एक फर्म में साझेदार हैं जो लाभ एवं हानि का विभाजन 3: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर निवल लाभ 50,000 रु. है। निम्नलिखित सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता और पूँजी खाते तैयार करें:

  1. 01 अप्रैल, 2019 को साझेदारों की पूँजी; सिम्मी 30,000 रू.; सोनू 60,000 रू.;
  2. 01 अप्रैल, 2015 को चालू खाते का शेष; सिम्मी 30,000 रू. (जमा); सोनू 1,50,000 रू. (जमा);
  3. वर्ष के दौरान साझेदारों की आहरण राशि; सिम्मी 20,000 रू.; सोनू 15,000 रू.;
  4. पूँजी पर अनुमत ब्याज दर 5% प्रतिवर्ष;
  5. आहरणों पर प्रभारित ब्याज दर 6% प्रतिवर्ष; एक औसत के अनुसार 6 माह की अवधि;
  6. साझेदारों का वेतन : सिम्मी 12,000 रू. तथा सोनू 9,000 रू.। इसके साथ ही साझेदारों का चालू खाता दर्शाएँ।

रमेश और सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं तथा उनके लाभ विभाजन अनुपात उनकी पूँजी के अनुसार है जो कि व्यवसाय के प्रारंभ में क्रमशः 80,000 रू. तथा 60,000 रू. लगाई गई थी। फर्म ने 01 अप्रैल, 2015 से व्यवसाय शुरू किया। साझेदारी समझौते के अनुसार पूँजी और आहरणों पर क्रमशः 12% और 10% प्रतिवर्ष ब्याज की दर अनुमत है। रमेश और सुरेश क्रमशः 2,000 रू. तथा 3,000 रु. प्रतिमाह को वेतन के रूप में प्राप्त करते हैं। वर्ष की समाप्ति पर 31 मार्च, 2016 को उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 1,00,300 रु. था और रमेश तथा सुरेश के आहरण क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रू. थे। आहरणों की राशि पर ब्याज रमेश के लिए 2,000 रू. तथा सुरेश के लिए 2,500 रू. बनते हैं। इनकी पूँजी को अस्थिर मानते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें। 


भाराम एक फर्म में साझेदार है। वह 12 महीनों तक प्रत्येक माह के अंत में 3,000 रु. आहरित करता है। फर्म के लेखा खाते प्रतिवर्ष 31 मार्च को बंद होते हैं। यदि ब्याज दर 10% वार्षिक है तो आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।


31 मार्च, 2016 को लेखा खाते बंद होने के बाद, राम, श्याम तथा मोहन की पूँजी शेष क्रमशः 24,000 रू. 18,000 रु. तथा 12,000 रू. प्रकट होती हैं। लेकिन बाद में यह पता चलता है कि पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज शामिल होने से रह गई है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष के अंत में यह लाभ राशि 36,000 रू. होती है तथा साझेदारों के आहरण: राम 3,600 रू., श्याम 4,500 रू. तथा मोहन 2,700 रू. होती है। राम, श्याम एवं मोहन का लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।


अभय, सिद्धार्थ व कुसुम एक फर्म में साझेदार हैं और उनका लाभ विभाजन अनुपात 5:3:2 का है। कुसम को लाभ शेयर के रूप में 10,000 रू. की गारंटी दी गई है। यदि कोई कमी आई तो इसे सिद्धार्थ के खाते से पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2016-17 वर्ष के अंत में लाभ क्रमश : 40,000 रू. तथा 60,000 रू. था। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।


क, ख एवं ग एक फॉर्म की साझेदारी में लाभ विभाजन क्रमश: 3 : 2 : 1 के अनुपात में करते हैं। हालाँकि ग के भाग के लिए क एवं ख ने न्यूनतम ₹ 8,000 रु. की स्थिर गारंटी दी हुई है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 को लाभ ₹ 36,000 रु. होता है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जिसमें प्रत्येक साझीदार के लिए अंतिम प्राप्त राशि का संकेत हो।


अशोक, बृजेश एवं शीना, एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हुए साझेदार हैं। अशोक एवं बृजेश यह गारंटी देते हैं कि शीना को किसी भी वर्ष 20,000 रु. से कम लाभ नहीं दिया जाएगा। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 के लिए लाभ की राशि 70,000 रू. होती है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।


अमित, बबीता एवं सोना एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ 3 :2:1 के अनुपात में विभाजित हैं तथा निम्न बातों को ध्यान में भी रखना है:

  1. सोना के गारंटी के रूप में लाभ का भाग 15,000 रू. प्रति वर्ष से कम न हो।
  2. बबीता इस प्रभाव के साथ गारंटी देती है कि जब वह फर्म में नौकरी करती थी तब से उसे 5 साल के औसत कुल प्रभार या फीस (जो 25,000 रु. है) के बराबर होनी चाहिए और आज उसके द्वारा अर्जित फीस इससे कम नहीं होगी। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए कुल लाभ 75,000 रू. होता है और फर्म हेतु बबीता के द्वारा अर्जित कुल फीस 16,000 रु. है।
    आप से लाभ एवं हानि विनियोग खाता को दर्शाने की अपेक्षा की जाती है। (लेकिन दिए गए अकेले प्रभाव को अपनाने के बाद)

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