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परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए - बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।

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Question

परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -

बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।।
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।
सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।

मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।
गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर।।

Very Long Answer
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Solution

परशुराम ने अपने विषय में ये कहा कि वे बाल ब्रह्मचारी हैं और क्रोधी स्वभाव के हैं। समस्त विश्व में क्षत्रिय कुल के विद्रोही के रुप में विख्यात हैं। वे आगे, बढ़े अभिमान से अपने विषय में बताते हुए कहते हैं कि उन्होंने अनेकों बार पृथ्वी को क्षत्रियों से विहीन कर इस पृथ्वी को ब्राह्मणों को दान में दिया है और अपने हाथ में धारण इस फरसे से सहस्त्रबाहु के बाहों को काट डाला है। इसलिए हे नरेश पुत्र! मेरे इस फरसे को भली भाँति देख ले।राजकुमार! तू क्यों अपने माता-पिता को सोचने पर विवश कर रहा है। मेरे इस फरसे की भयानकता गर्भ में पल रहे शिशुओं को भी नष्ट कर देती है।

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राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
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Chapter 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - प्रश्न-अभ्यास [Page 14]

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NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
Chapter 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | Page 14

RELATED QUESTIONS

लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


भाव स्पष्ट कीजिए -

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।


पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।


इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।

बार बार मोहि लागि बोलावा||


“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।


संकलित अंश में राम का व्यवहार विनयपूर्ण और संयन्न है, लक्ष्मण लगातार व्यंग्य बाणों का उपयोग करते हैं और परशुराम का व्यवहार क्रोध से भरा हुआ है। आप अपने आपको इस परिस्थिति में रखकर लिखें कि आपका व्यवहार कैसा होता?


अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।


उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।


अवधी भाषा आज किन-किन क्षेत्रों में बोली जाती है?


धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?


“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?


परशुराम ने अपनी कौन-कौन-सी विशेषताओं द्वारा लक्ष्मण को डराने का प्रयास किया?


परशुराम को अपने फरसे पर इतना घमंड क्यों था?
अथवा
परशुराम ने अपने फरसे की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


परशुराम विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत किस तरह करते हैं?


‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।


निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता

लक्ष्मण ने वीरों के क्या लक्षण बताए?


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