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Question
उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।
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Solution
घटना 1: जब मैंने अपने मित्र को विद्यालय में एक अन्य छात्र द्वारा तंग करते हुए देखा। मैंने उस छात्र से बातचीत की और उसे बताया कि इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है।
घटना 2: एक बार मैंने देखा कि एक दुकानदार ने एक वृद्ध महिला के साथ गलत व्यवहार किया। मैंने दुकानदार से बात की और उस महिला की सहायता की।
घटना 3: मैंने एक बार अपने सहपाठी के साथ मिलकर एक शिक्षक के विरुद्ध आवाज उठाई, जब उन्होंने एक छात्र के साथ अनुचित व्यवहार किया था।
इन घटनाओं के माध्यम से मैंने अन्याय के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया और यह अनुभव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
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परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।
लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।
परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -
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बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर। |
भाव स्पष्ट कीजिए -
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।
निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
बालकु बोलि बधौं नहि तोही।
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।
बार बार मोहि लागि बोलावा||
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
लखन उतर आहुति सरिस भृगुबरकोपु कृसानु।
बढ़त देखि जल सम बचन बोले रघुकुलभानु||
“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”
आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।
संकलित अंश में राम का व्यवहार विनयपूर्ण और संयन्न है, लक्ष्मण लगातार व्यंग्य बाणों का उपयोग करते हैं और परशुराम का व्यवहार क्रोध से भरा हुआ है। आप अपने आपको इस परिस्थिति में रखकर लिखें कि आपका व्यवहार कैसा होता?
अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।
धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?
“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?
धनुष टूटने पर लक्ष्मण किन तर्कों के आधार पर राम को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे?
लक्ष्मण अपने कुल की किस परंपरा का हवाला देकर युद्ध करने से बच रहे थे?
लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?
लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था?
‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
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बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।। |
- परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
A. राम को भयभीत करने के लिए
B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए - निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।। - रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर - 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
A. व्यंग्य
B. हास्य
C. क्रोध
D. वैराग्य - उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
A. वीरता
B. धैर्य
C. शिष्टता
D. विनम्रता
