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Question
लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था?
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Solution
लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर यह था कि लक्ष्मण के वचनों में उद्दंडता, व्यंग्यात्मकता तथा उग्रता का मेल था जो परशुराम के क्रोध को यज्ञ की आहुति हवन सामग्री के समान भड़का देते थे। इसके विपरीत श्रीराम के वचनों में विनम्रता और विनयशीलता का भाव था जो शीतल जल के समान प्रभावकारी थे जिससे परशुराम की क्रोधाग्नि शांत हो गई।
RELATED QUESTIONS
लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।
परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -
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बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर। |
लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?
भाव स्पष्ट कीजिए -
बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
भाव स्पष्ट कीजिए-
गाधिसू नु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ।
अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ।।
निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।
बार बार मोहि लागि बोलावा||
“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”
आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।
संकलित अंश में राम का व्यवहार विनयपूर्ण और संयन्न है, लक्ष्मण लगातार व्यंग्य बाणों का उपयोग करते हैं और परशुराम का व्यवहार क्रोध से भरा हुआ है। आप अपने आपको इस परिस्थिति में रखकर लिखें कि आपका व्यवहार कैसा होता?
अवधी भाषा आज किन-किन क्षेत्रों में बोली जाती है?
धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?
“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?
परशुराम ने अपनी कौन-कौन-सी विशेषताओं द्वारा लक्ष्मण को डराने का प्रयास किया?
लक्ष्मण ने क्या-क्या कहकर परशुराम पर व्यंग्य किया?
लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?
‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
परशुराम के क्रोधित होने का कारण था -
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
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बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।। |
- परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
A. राम को भयभीत करने के लिए
B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए - निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।। - रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर - 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
A. व्यंग्य
B. हास्य
C. क्रोध
D. वैराग्य - उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
A. वीरता
B. धैर्य
C. शिष्टता
D. विनम्रता
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?
