Advertisements
Advertisements
Question
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | ______ | ______ |
Fill in the Blanks
Advertisements
Solution
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | त्रिभुवन | द्विगु |
shaalaa.com
समासा:।
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| चतुर्भुर्जम् | ______ | _____ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| न इष्टम् | ______ | ______ |
प्रदत्त-तालिकायां समस्तपदं विग्रहं वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | निर्मलम् |
______ |
| 2. | ____________ | एकम् एकम् इति |
| 3. | ____________ | दोषाणाम् अभाव: |
| 4. | सव्यवधानम् | ____________ |
| 5. | निरर्थकम् | ____________ |
| 6. | ____________ | चिन्तायाः अभाव: |
| 7. | स्नेहेन सहितम् | ____________ |
| 8. | ____________ | समयम् अनतिक्रम्य |
| 9. | ____________ | गङ्गायाः समीपम् |
| 10. | सहर्षम् | ___________ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | _________ | महान् वृक्षः |
| 2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
| 3. | _________ | महत् कम्पनम् |
| 4. | महाविनाशः | _________ |
| 5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
| 6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
| 7. | _________ | घन इव श्यामः |
| 8. | महोत्सवः | _________ |
| 9. | _________ | विशालः पर्वतः |
| 10. | महागौरी | _________ |
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतिदिनम् | दिनेदिने | ______ |
समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
| समासविग्रहः | समासनाम | ||
| (1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
| (2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
| (3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
| (4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
| (5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
| (6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत।

धनधान्यानि।
समासविग्रहं कुरुत।

मृगशृगालौ।
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत।

तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | तृतीया-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चरणाभ्यां विकलः। | तृतीया-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मदान्धः | मदेन अन्धः। | ______ |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी-तत्पुरुषः |
| पूजायै इदम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| परागस्य कणाः | तृतीया-तत्पुरुषः |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
समासविग्रहाणां समासनामभि: सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रह: | समासनाम |
| रामस्य अभिषेकः। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
| न शक्यम्। | कर्मधारयः। |
| मृगः च शृगाल: च। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
| सद्गुणा: एव सत्ति:। | अव्ययीभाव:। |
| महान् भागः यस्य स:। | नञ्-तत्पुरुष:। |
| क्रमम् अनुसृत्य। | बहुव्रीहिः। |
