Advertisements
Advertisements
Question
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
Options
वनराज: पदाय
वनराजा पदाय
वनराजे पदाय
वनराजस्य पदाय
Advertisements
Solution
वनराजस्य पदाय
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| लौहघटिता | ______ | ______ |
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| सुखदुःखे | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| त्रिलोके | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| परोषम् उपकार: | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| न पेयम् | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | ______ | ______ |
अधोलिखितसमस्तपदेभ्यः विग्रहाः, विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदानि | विग्रहः |
| 1. | ___________ | लम्बम् उदरं यस्य सः |
| 2. | पीताम्बरः | ___________ |
| 3. | ___________ | कृतः उपकारः येन सः |
| 4. | प्रत्युपन्नमतिः | ___________ |
| 5. | ___________ | गज इव आननं यस्य सः |
| 6. | चन्द्रमुखी | ___________ |
| 7. | ___________ | चक्रं पाणौ यस्य सः |
| 8. | चन्द्रमौलि: | ___________ |
| 9. | ___________ | बहूनि कमलानि यस्मिन् तत् |
| 10. | ___________ | जितानि इन्द्रियाणि येन सः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समासविग्रहं कुरुत 
सस्यपूर्णम् - ______
समासविग्रहं कुरुत

नीतिनिपुणः - ______
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत समाहारद्वन्द्वः
षष्ठी तत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत ।
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्ष | प्रजाहिते दक्षः | ______ |
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिता | भुजगे : यमिताः। | ______ |
कृति : – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत ।
१) क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः ।
२) विशालौ बाहू यस्य सः ।
३) एकः दन्तः यस्य सः ।
४) लब्धा शिक्षा येन सः ।
५) ईश्वरे निष्ठा यस्य सः ।
६) भाले चन्द्रः यस्य सः ।
७) पद्मं हस्ते यस्याः सा ।
८) गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः ।
९) विमलम् अम्बु यस्मिन् तत् ।
१०) महान् उदयः यस्य सः ।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी -तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया ततयरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी -तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्मुरुष |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | मातुः सेवा। | ........ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| सकोपम् | कोपेन सह | ......... |
समासविग्रहाणां समासनामभि: सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रह: | समासनाम |
| रामस्य अभिषेकः। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
| न शक्यम्। | कर्मधारयः। |
| मृगः च शृगाल: च। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
| सद्गुणा: एव सत्ति:। | अव्ययीभाव:। |
| महान् भागः यस्य स:। | नञ्-तत्पुरुष:। |
| क्रमम् अनुसृत्य। | बहुव्रीहिः। |
